Thermal Printers notes in Hindi

Thermal Printer एक Non-Impact Printer है जिसमें प्रिंटिंग का कार्य उष्मीय प्रभाव के द्वारा किया जाता है। इसके लिए एक विशेष प्रकार के पेपर का प्रयोग किया जाता है जिसे थर्मल पेपर कहा जाता है जो ताप संवेदी होता है। थर्मल प्रिंटर में भी दो प्रकार की तकनीक Direct Thermal और Thermal Transfer प्रयोग में लायी जाती है।

Thermal Printers notes in Hindi
Fig. Thermal Printer (POS Machine)

Direct Thermal Printing में एक बिजली द्वारा गरम किया गया पिन होता है जो कागज पर आउटपुट का निर्माण करता है। जब यह पिन कागज से टकराता है तो कागज भी गर्म हो जाता है और उसकी कोटिंग काली हो जाती है जिससे आउटपुट का निर्माण होता है। यह बहुत सस्ता होता है और इसमें किसी प्रकार का इंक या कर्ट्रेज आदि का प्रयोग भी नहीं किया जाता है। किन्तु इस प्रिंटिंग विधि के द्वारा उत्पन्न आउटपुट बहुत ही संवेदनशील होता है और कुछ समय पश्चात् ही मिटने लग जाता है।

इसीलिए अधिक टिकाउ आउटपुट प्राप्त करने के लिए आजकल Thermal Transfer Printing का उपयोग किया जाता है। इस विधि में रिबन कर्ट्रेज का प्रयोग किया जाता है जिसमें विशेष प्रकार का Waxy Material होता है। इसमें प्रयुक्त पिन ताप संवेदी रिबन को ताप देकर गर्म करता है। इससे कार्ट्रेज का Waxy Meterial पिघलने लगता है। इसके बाद रिबन कागज के संपर्क में आता है और उसे गरम कर उस पर पिघलता हुआ Waxy Metrial डाल देता है जिससे आउटपुट का निर्माण होता है। इस प्रिंटिंग विधि को Wax Thermal Transfer भी कहा जाता है।

चूकिं थर्मल प्रिंटर द्वारा प्राप्त आउटपुट बहुत जल्दी मिटने लगता है इसीलिए इसका ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहाँ प्रिंट किए गए डाक्यूमेंट को अधिक समय तक नहीं रखना होता है। उदाहरण के लिए Banking, Retail, Railway, Airline आदि में Receipt, Ticket प्रिंट करने के लिए थर्मल प्रिंटर का प्रयोग किया जाता है। इन स्थानों पर लगे POS, Cash Register, ATM आदि मशीनों में थर्मल प्रिंटर होता है।

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