System Files of MS DOS in Hindi

What are Some Important System Files of MS DOS in Hindi

MS-DOS के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Microsoft Disk Operating System (MS DOS)

Microsoft Disk Operating System (MS DOS) एक आपरेटिंग सिस्टम साप्टवेयर है इसका निर्माण बहुत सारे Files या Programs से मिलकर हुआ है जिन्हें System Files कहते है। अलग-अलग सिस्टम फाईलें सिस्टम से संबंधित अलग-अलग जरूरतो को पूरा करती है। MS DOS की कुछ महत्वपूर्ण सिस्टम फाइलें निम्नलिखित है—

System Files of MS DOS in Hindi

IO.SYS and MSDOS.SYS

इन दोनों फाईलो का कार्य कम्प्यूटर सिस्टम में Input/Output Devices और Operating System के मध्य संपर्क स्थापित करना होता है। ये दोनों Hidden Files होती है जो बूटिंग के दौरान स्वतः मेमोरी में लोड हो जाती है। इन्हें DOS Kernel भी कहा जाता है।

COMMAND.COM

यह फाईल User और Computer के मध्य संपर्क स्थापित करता है। इसमें MS DOS के विभिन्न Internal Commamds स्टोर होते है जिन्हें हम DOS Prompt पर क्रियान्वित कर सकते है। यह भी बूटिंग के दौरान स्वतः ही मेमोरी में लोड हो जाता है। इसे Command Interpreter, Console Command Processor या Shell भी कहा जाता है।

AUTOEXEC.BAT

AUTOEXEC.BAT एक Batch File है जिसमें लिखे Commands बूटिंग के दौरान स्वतः क्रियान्वित हो जाता है। इसीलिए इस File का नाम AUTOEXEC अर्थात् Auto Executable रखा गया है। इसमें DOS के लिए प्रारंभिक निर्देश DOS Commands के रूप में होते है।

CONFIG.SYS

यह एक ऐसा फाईल है जिसमें कम्प्यूटर से जुड़े विभिन्न हार्डवेयरों जैसे—Keyboard, Mouse, Printer, Memory आदि का Configuration (Setting) स्टोर रहता है। इसका उपयोग DOS और अन्य Applications के द्वारा किया जाता है। CONFIG.SYS फाईल AUTOEXEC.BAT फाईल के बाद क्रियान्वित होता है। यह कम्प्यूटर के Root Directory में स्टोर होता है।

I-Facts (Interesting facts about MS DOS System Files in Hindi)

  1. MS-DOS में बूटिंग पूरा होने पर जो स्क्रीन में दिखाई देता है उसे DOS Prompt या System Prompt कहते है। यह पहले A:\> के रूप में दिखता था किन्तु अब C:\> के रूप में दिखाई देता है।
  2. DOS में दो तरह की फाईलें होती है—Data File और Program File. डेटा फाईल डेटा या सूचनाओं का संग्रह होता है जबकि प्रोग्राम फाईल निर्देशों का संग्रह होता है।
  3. DOS में फाईल का नाम दो भागों से मिलकर बना होता है—Primary Name और Extension Name. प्रायमरी नाम 8 अक्षरों का होता है जबकि एक्सटेंशन नाम 3 अक्षरों का होता है। इन दोनों नामों के मध्य Dot ( . ) का प्रयोग किया जाता है।
  4. DOS में Folder को Directory कहा जाता है। Directory फाईलों का संग्रह होता है। इसे हार्ड डिस्क के एक Named Section के रूप में परिभाषित किया जाता है।
  5. Windows आपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानने के लिए देखें—Introduction to MS-Windows
Share it to:

MS DOS Booting Process notes in Hindi

Explain Booting Process of MS DOS in Hindi

कम्प्यूटर को Start एवं Restart करना Booting कहलाता है। बंद पड़े कम्प्यूटर को स्टार्ट करना Cold Booting तथा पहले से चालू कम्प्यूटर को रिस्टार्ट करना Warm Booting कहलाता है। जब हम कम्प्यूटर का पावर बटन आन करते है तो ROM Memory में स्टोर प्रोग्राम BIOS (Basic Input Output System) अपने आप Execute (Run) हो जाता है। यह प्रोग्राम सभी Devices को Check करता है जिसे POST (Power On Self Test) कहते है।

MS-DOS आपरेटिंग सिस्टम के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Microsoft Disk Operating System (MS DOS)

यदि सभी डिवाईस ठीक तरह से कार्य कर रहे होते है तो यह  MS-DOS को External Storage Device (Hard Disk) से Internal Memory Device (RAM) में लोड करता है। इस प्रक्रिया को Booting Process कहा जाता है। सफलातापूर्वक Booting हो जाने के बाद हमें DOS Command Prompt ( C:\> ) दिखायी देता है और हमारा कम्प्यूटर कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है। MS-DOS के Booting Process को निम्नलिखित Steps से समझा जा सकता है—

  1. BIOS Initialization: इस चरण में BIOS Firmware कम्प्यूटर सिस्टम से जुड़े हार्डवेयर डिवाइसों की पहचान करता है और उन्हें प्रारंभ करता है।
  2. POST: इस चरण में BIOS आपरेटिंग सिस्टम के लोडिंग के लिए Disk की पहचान करता है तथा Boot Sector में स्थित MBR को पढ़ता है।
  3. MBR Program Data Area में स्टोर दो फाईलों IO.SYS व MSDOS.SYS को ढूँढ़कर इसे मेमोरी में लोड करता है इसके बाद कम्प्यूटर के द्वारा CONFIG.SYS फाईल को लोड किया जाता है।
  4. Booting के अंतिम चरण में COMMAND.COM नामक फाईल को मेमोरी में लोड किया जाता है जिसमें DOS के सभी Internal Commands स्टोर होते है। इसके बाद AUTOEXEC.BAT फाईल स्वतः ही Execute हो जाता है और हमारा कम्प्यूटर पूरी तरह से चालू हो जाता है।
Booting Process notes in Hindi
Fig. Booting Process

I-Facts (Interesting facts related to MS DOS Booting Process in Hindi)

  1. POST – Power On Self Test, BIOS – Basic Input Output System, MBR – Master Boot Records
  2. Boot Sequence: यह उन Operations का समूह होता है जिन्हें कम्प्यूटर तब Perform करता है जब कम्प्यूटर स्टार्ट होता है।
  3. Bootstrap Loader: यह आपरेटिंग सिस्टम को स्टार्ट करने के लिए आवश्यक अन्य साफ्टवेयर को मेमोरी में लोड करता है।
  4. Master Boot Record (MBR): Hard Disk के सबसे पहले Sector में स्टोर सूचना होता है जो बताता है कि आपरेटिंग सिस्टम डिस्क में कहाँ स्थित है और इसे किस तरह मेमोरी में लोड किया जा सकता है। Master Boot Record को Master Partition Table भी कहा जाता है।
  5. Warm Reboot के लिए Keyboard Shortcut Ctrl+Alt+Del का प्रयोग किया जाता है।
  6. Cold Booting में कम्प्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स ठंडे होते है जबकि Warm Booting में कम्प्यूटर पहले से ही चालू होता है अतः इसके हार्डवेयर पार्ट्स गरम होते है इसीलिए इसका नाम Warm Booting है।
  7. आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है इसके बारे में अधिक जानने के लिए देखें—OS: Operating System Software
Share it to:

Microsoft Disk Operating System MS DOS notes in Hindi

What is MS DOS in Hindi

MS-Windows क्या होता है Windows और DOS में क्या अंतर होता है जानने के लिए देखें—Introduction to MS-Windows

Microsoft Disk Operating System (MS-DOS) एक आपरेटिंग सिस्टम साफ्टवेयर है Microsoft कम्पनी के द्वारा बनाया गया है। यह CLI अर्थात् Command Line Interface पर आधारित आपरेटिंग सिस्टम साफ्टवेयर है जिसमें सारे कार्य Keyboard से Command Type करके किया जाता है। इसे Disk Operating System इसलिए कहा जाता है क्योकिं यह कम्प्यूटर के Hard Disk को नियंत्रित करता है और अधिकतर Disk से संबंधित Input/Output का कार्य करता है। MS-DOS हमारे Hard Disk को मुख्यतः निम्नलिखित दो भागों में विभाजित करता है—System Area और Data Area.

Microsoft Disk Operating System MS DOS notes in Hindi

System Area वह भाग होता है जिसमें हमारे डिस्क के नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएँ होती है तथा Data Area वह भाग होता है जहाँ यूजर का डेटा स्टोर होता है। System Area आगे तीन भागों Boot Record, File Allocation Table (FAT) व Root Directory में विभाजित होता है। Boot Record Disk का सबसे पहला भाग होता है जहा DOS को चालू करने सें संबंधित जानकारी स्टोर होता है। File Allocation Table (FAT) में हार्ड डिस्क के Data Area को नियंत्रण करने से संबंधित जानकारी संग्रहीत रहता है। Root Directory कम्प्यूटर सिस्टम का सबसे प्रमुख File Directory होता है जिसे Backslash ( \ ) से सूचित किया जाता है।

I-Facts (Interesting facts related to MS DOS in Hindi)

  1. Interface के आधार पर Operating System मुख्यतः दो प्रकार के होते है—CLI और GUI.
  2. CLI – Command Line Interface आपरेटिंग सिस्टम में सारे कार्य Keyboard से Command Type करके किया जाता है।
  3. GUI – Graphical User Interface आपरेटिंग सिस्टम में कार्य करने के लिए Graphics और Mouse का प्रयोग किया जाता है।
  4. DOS को CUI (Character User Interface) आपरेटिंग सिस्टम भी कहा जाता है।
  5. Microsoft से पहले International Business Machines (IBM) ने Personal Computer Disk Operating System (PC-DOS) नाम से सन् 1981 में एक आपरेटिंग सिस्टम बनाया था।
  6. MS-DOS का पहले Version सन् 1981 में रिलिज किया गया था जिसका नाम MS-DOS 1.0 था। इसका अंतिम Version MS-DOS 6.22 था जिसे सन् 1994 में रिलिज किया गया था। इसके बाद से DOS को Windows के साथ Accessories में Command Prompt के नाम से जोड़ दिया गया।
Share it to:

Realtime Operating System notes in Hindi

Real Time Operating System notes in Hindi

Operating System Software के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—OS: Operating System Software

Real time Operating System (RTOS) एक ऐसा आपरेटिंग सिस्टम होता है जिसमें रियल टाईम में प्रोसेसिंग होता है। रियल टाईम में प्रोसेसिंग होने का अर्थ है कि यूजर द्वारा प्रोसेसिंग request करते ही उसे परिणाम उपलब्ध हो जाता है। रिक्वेस्ट करने और परिणाम प्राप्त करने में यूजर को कोई समय अंतर का अनुभव नही होता है। रियल टाईम आपरेटिंग सिस्टम कुछ विशेष कार्यो के लिए ही बनाए जाते है।

Real Time आपरेटिंग सिस्टम का उपयोग सामान्यतः एटीएम मशीन, सीडीएम मशीन, रिजरवेशन सिस्टम, मेडिकल जाँच उपकरण, वैज्ञानिक उपकरण, औद्योगिक रोबोट, औद्योगिक सिस्टम आदि में किया जाता है। यह आपरेटिंग सिस्टम किसी लैपटाप या कम्प्यूटर में प्रयोग होने वाले General Purpose Operating System (GPOS) से भिन्न होता है। इसमें Request करने के बाद निश्चित समय में Response मिलना अनिवर्य होता है नहीं तो इससे बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।

उदाहरण के लिए किसी petroleum refinery system का तापमान तेजी से बढ़ रहा हो और सिस्टम को तापमान कम करने का निर्देश दिया जाए तो सिस्टम के लिए तुरंत ही तापमान को कम करना अनिवार्य होता है अन्यथा तापमान कम न हो पाने की स्थिती में बड़ा विस्फोट हो सकता है।

Realtime Operating System notes in Hindi
Fig. Realtime Operating System

I-Facts (Interesting facts related to Real Time Operating System)

  1. Real Time आपरेटिंग सिस्टम को Embedded Operating System के नाम से भी जाना जाता है।
  2. Automated Teller Machine (ATM) की सहायता से बैंक Account से पैसे निकालते है। इसमें Real Time आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है।
  3. Cash Deposit Machine (CDM) की सहयता से बैंक Account में पैसे जमा करते है। इसमें भी Real Time आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है।
  4. Time Sharing और Real Time आपरेटिंग सिस्टम में मुख्य अंतर यह है कि पहले में कुछ ही Second में Response दिया जाता है किन्तु यह जरूरी नहीं होता जबकि दूसरे में एक निर्धारित समय में Response दिया जाता है और यह और यह अनिवार्य होता है।
  5. Time Sharing आपरेटिंग सिस्टम में सामान्यतः बहुत सारे Applications को Run किया जाता है जबकि Real Time आपरेटिंग सिस्टम में एक ही Application Run होता है।
  6. Time Sharing आपरेटिंग सिस्टम के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Time Sharing Operating System
Share it to:

Timesharing Operating System Notes in Hindi

Timesharing Operating System Notes in Hindi

Real Time आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है जानने के लिए देखें हमारा यह पोस्ट—Real Time Operating System

Time Sharing आपरेटिंग सिस्टम में बहुत से यूजर Terminal की सहायता से एक मुख्य कम्प्यूटर से जुड़े होते है। मुख्य कम्प्यूटर अपने से जुड़े हुए सभी यूजर के प्रोग्राम को बारी-बारी से क्रियान्वित करता है। इसके लिए प्रत्येक यूजर के प्रोग्राम को प्रोसेस होने के लिए थोड़ा समय दिया जाता है जिसे time slice या quantum कहते है। यह time slice या quantum बहुत कम समय micro second (106) का होता है। फिर दूसरे यूजर के कार्य को प्रोसेस किया जाता है।

इसमें यूजर के प्रोसेस को Switch करने का कार्य बहुत ही तेज गति से होने के कारण कार्य में देरी का अनुभव नहीं होता है। यूजर को ऐसा लगता है कि वह अकेले ही सिस्टम पर कार्य कर रहा है। कुछ प्रसिद्ध आपरेटिंग सिस्टम जैसे मल्टी प्रोग्रामिंग, मल्टी टास्किंग एवं मल्टी प्रोसिसिंग में टाईम शेयरिंग तकनीक ही प्रयोग में लायी जाती है। उदाहरण—Mainframe Computers

Timesharing Operating System Notes in Hindi
Fig. Switching of Tasks in Timesharing System

I-Facts (Interesting facts related to Time Sharing Operating Systems)

  1. Time Sharing आपरेटिंग सिस्टम में प्रत्येक यूजर के प्रोग्राम को प्रोसेस होने के दिए गए समय Time Slice या Quantum  का मान बहुत ही कम 1 Micro Second (106 Second) का होता है।
  2. Mainframe कम्प्यूटर एवं Unix आपरेटिंग सिस्टम Time Sharing सिस्टम के उदाहरण है।
  3. Time Sharing सिस्टम में बहुत सारे प्रोग्राम के एक साथ रन होने की स्थिति में मेमोरी प्रबंधन के लिए Swapping का प्रयोग किया जाता है।
  4. Swapping एक ऐसी Memory Management Technique है जिसमें पूरे प्रोग्राम को Main Memory में लोड न करके इसके वर्तमान में क्रियान्वयन के लिए आवश्यक हिस्से को ही मेमोरी में लोड किया जाता है तथा प्रोग्राम का बाकी हिस्सा Disk में ही रहता है।
  5. Batch Processing आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है इसका प्रयोग किस कार्य के लिए किया जाता है जानने के लिए यह पोस्ट देखें—Batch Processing Operating System
Share it to:

Multiprocessing Operating System notes in Hindi

Multiprocessing Operating System notes in Hindi

Real Time आपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानने के लिए देखें—Real Time Operating System

मल्टी प्रोसेसिंग आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोसेसर होते है जो एक ही समय में रन हो रहे प्रोग्रामों को प्रोसेस करते है। मैनफ्रेम और सुपर कम्प्यूटर मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम के उदाहरण है। मल्टी प्रोसेसिंग में भी मल्टी प्रोग्रामिंग व मल्टी टास्किंग से सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है। किन्तु इसमें प्रोसेसिंग यूनिट एक से अधिक होते है जो एक ही समय में रन हो रहे सभी प्रोग्रामों को आपस में मिलकर प्रोसेस करते है। एक से अधिक प्रोसेसर द्वारा प्रोसेसिंग की यह प्रकिया parallel processing कहलाता है। इसमें सारे प्रोसेसर एक साथ जुड़े रहते है और कार्य करते है। इसीलिए मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम में प्रोसेसिंग का कार्य सबसे तीव्र गति से होता है।

मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम भी दो प्रकार के होते है—Symmetric Multiprocessing और Asymmetric Multiprocessing. इन दोनों में मुख्य अंतर यह है कि Symmetric Multiprocessing में सारे प्रोसेसर एक समान होते है जो एक ही मेमोरी को Share करते है। जबकि Asymmetric Multiprocessing में बहुत सारे Slave प्रोसेसर होते है जिनके लिए अलग-अलग मेमोरी होता है तथा एक Master प्रोसेसर होता है जो इन सबको नियंत्रित करता है। साथ ही Symmetric Multiprocessing में सारे प्रोसेसर आपरेटिंग सिस्टम के टास्क को रन करते है जबकि Asymmetric Multiprocessing में केवल मास्टर प्रोसेसर ही आपरेटिंग सिस्टम के टास्क को रन करता है और बाकी प्रोसेसर को Assign करता है।

Multiprocessing Operating System notes in Hindi
Fig. Symmetric and Asymmetric Multiprocessing Operating System

I-Facts (Interesting facts related to Multi Processing Operating System)

  1. Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोग्राम मेमोरी में लोड होते है और प्रोसेसर के द्वारा प्रोसेस किए जाते है।
  2. Multi Tasking आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोग्राम (Task) प्रोसेसर में लोड होते है और प्रोसेसर के द्वारा प्रोसेस किए जाते है।
  3. Multi Processing आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोसेसर या प्रोसेसिंग यूनिट होते है जो विभिन्न प्रोग्राम (Task) एक ही समय में प्रोसेस करते है।
  4. विभिन्न सर्वर आपरेटिंग सिस्टम जैसे— Linux Server, Windows Server आदि Multi Processing आपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण है।
  5. हमारा स्वयं का कम्प्यूटर यदि Single Processor वाला न होकर Dual Core Processor (2 Processing Unit) या Quad Core Processor (4 Processing Unit) वाला है तो यह भी एक Multi Processing System का उदाहरण है।
  6. Time Sharing आपरेटिंग सिस्टम के बारे में जानने के लिए देखे—Time Sharing Operating System
Share it to:

Multitasking Operating System Notes in Hindi

What is Multitasking Operating System in Hindi

Multi Processing आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है इसका प्रयोग किस कार्य के लिए किया जाता है जानने के लिए देखें—Multi Processing Operating System

मल्टी टाक्सिंग आपरेटिंग सिस्टम मल्टी प्रोग्रामिंग आपरेटिंग सिस्टम के समान ही होता है। इसमें भी एक ही समय में एक से अधिक प्रोग्राम रन होते है। किन्तु इसमें प्रोग्रामों को छोटे-छोटे भागों में विभाजित कर प्रोसेस किया जाता है जिन्हें Task कहते है। इसमें एक से अधिक टास्क एक ही समय में प्रोसेसर में लोड रहते है और प्रोसेस किए जाते है।

मल्टी टास्किंग आपरेटिंग सिस्टम भी मल्टी प्रोग्रामिंग की तरह ही CPU को सदैव व्यस्त रखता है तथा CPU Time  और Memory Space का पूरा-पूरा उपयोग करता है। किन्तु इसमें प्रोसेसिंग का कार्य और अधिक तेजी से होता है। इसमें प्रत्येक प्रोग्राम के टास्क को प्रोसेस करने के लिए Time Sharing तकनीक प्रयोग में लायी जाता है।

Multitasking Operating System Notes in Hindi
Fig. Multitasking Operating System

I-Facts (Interesting facts related to Multi Tasking Operating System)

  1. Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोग्राम मेमोरी में लोड होते है और प्रोसेसर के द्वारा प्रोसेस किए जाते है।
  2. Multi Tasking आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोग्राम (Task) प्रोसेसर में लोड होते है और प्रोसेसर के द्वारा प्रोसेस किए जाते है।
  3. वर्तामान में प्रचलित सभी आपरेटिंग सिस्टम Multi tasking को सपोर्ट करते है। उदहारण—Windows, Macintosh, Linux, Ubuntu आदि।
  4. Time Sharing एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक मुख्य कम्प्यूटर अपने से जुड़े हुए सभी यूजर के प्रोग्राम को बारी-बारी से क्रियान्वित करता है। इसके लिए प्रत्येक यूजर के प्रोग्राम को प्रोसेस होने के लिए थोड़ा समय Micro Second (106) दिया जाता है जिसे time slice या quantum कहते है।
  5. Real Time आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है, इसकी क्या विशेषताएँ होती है और यह बहुत सारे कार्यो के लिए क्यो आवश्यक होता है जानने के लिए देखिए—Real Time Operating System
Share it to:

Multi Programming Operating System Notes in Hindi

What is Multi Programming Operating System Hindi

Multi tasking आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है यह Multi programming आपरेटिंग सिस्टम से किस प्रकार भिन्न होता है जानने के लिए देखें—Multi Tasking Operating System

किसी आपरेटिंग सिस्टम के द्वारा एक ही समय में एक से अधिक प्रोग्राम को रन करना मल्टी प्रोग्रामिंग कहलाता है। मल्टी प्रोग्रामिंग में एक से अधिक प्रोग्राम एक ही समय में मेमोरी में लोड रहते है और प्रोसेसर के द्वारा प्रोसेस किए जाते है। इस प्रकार के आपरेटिंग सिस्टम का मुख्य लाभ यह है कि यह CPU को सदैव व्यस्त रखता है। यह CPU Time  और Memory Space का पूरा-पूरा उपयोग करता है।

वर्तमान में सभी आपरेटिंग सिस्टम मल्टी प्रोग्रामिंग होते है। यही कारण है कि हम एक ही समय में वर्ड, एक्सल आदि में काम करते-करते संगीत भी सुन सकते है और इंटरनेट भी चला सकते है। इस प्रकार Multi Programming सिस्टम में हमारे कार्य जल्दी होते है और समय की बचत होती है। MS – DOS एक Single Programming आपरेटिंग सिस्टम है जबकि MS – Windows एक Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम है।

Multiprogramming Operating System Notes in Hindi
Fig. Multiprogramming Operating System

I-Facts (Interesting facts related to Multi Programming Operating System)

  1. MS – Windows एक अर्थात् Graphical User Interface पर आधारित एक Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम साफ्टवेयर है। इसमें कार्य करने के लिए Graphics और Mouse का प्रयोग किया जाता है। इसमें हम एक से अधिक प्रोग्राम को एक समय में चला सकते है। इसे Microsoft ने बनाया है।
  2. Macintosh Apple के द्वारा बनाया गया Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम है। इसके प्रयोग Apple के Desktop व Laptop कम्प्यूटरों में किया जाता है।
  3. Ubuntu और Linux Free Open Source Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण है जिनका विकास क्रमशः Canonical Limited व Linux Community के द्वारा किया गया है।
  4. Android और iOS Mobile डिवाईसों के लिए आपरेटिंग सिस्टम है जिनका विकास क्रमशः Google और Apple के द्वारा किया गया है। इसमें से Android एक Open Source आपरेटिंग सिस्टम है जबकि iOS Open Source नहीं है।
  5. Multi processing आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है जानने के लिए देखें—Multi Processing Operating System
Share it to:

Batch Processing Operating System notes in Hindi

What is Batch Processing Operating System in Hindi

Time sharing आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है यह कैसे कार्य करता है जानने के लिए देखें—Time Sharing Operating System

Batch Processing आपरेटिंग सिस्टम में प्रत्येक यूजर अपने प्रोग्राम (Job) को पंच कार्ड की सहायता से Offline तैयार करता है और डेटा प्रोसेसिंग सेंटर पर जमा कर देता है। प्रोसेसिंग सेंटर में आपरेटर उन सभी प्रोग्रामों को एकत्र करके Batch बनाता है और उसे कम्प्यूटर पर लोड कर देता है। एक बार कम्प्यूटर में लोड हो जाने के बाद उन प्रोग्रामों को एक-एक करके क्रमानुसार Execute किया जाता है और अंत में Printed Output प्राप्त होता है जिसे संबंधित यूजर को दे दिया जाता है।

Batch Processing System में प्रोसेसिंग का पूरा कार्य Automatic ही होता है जिसमें आपरेटर के हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। बैच प्रोसेसिंग अब पुरानी तकनीक हो गयी है किन्तु अभी भी कुछ डेटा प्रोसेसिंग सेंटर में इसका प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसमें प्रोसेसिंग की Cost कम होती है। इसका प्रयोग सामान्यतः बड़ी मात्रा मेंऐसे डेटा की प्रोसेसिंग के लिए किया जाता है जिसमें एक निश्चित समय अंतराल में प्रोसेसिंग करनी होती है। उदाहरण—Billing, Payroll आदि।  

Batch Processing Operating System notes in Hindi
Fig. Batch Processing Operating System

I-Facts (Interesting facts about Batch Processing Operating System)

  1. Batch Processing Technique का सर्वाधिक प्रयोग प्रथम और द्वितीय पीढ़ी के कम्प्यूटरों में किया जाता था।
  2. Batch Processing को Serial Processing, Sequential Processing या Stacked Job Processing भी कहा जाता है।
  3. Batch Processing में Processing Request देने के बाद आउटपुट प्राप्त होने तक के समय अंतराल को Turn Around Time कहा जाता है।
  4. Batch Processing का प्रयोग Billing तथा Payroll आदि में किया जाता है क्योंकि इसमें सामान्यतः महिने में एक बार बहुत सारी प्रोसेसिंग करनी होती है।
  5. Real time आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है इसका प्रयोग कहाँ किया जाता है जानने के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Real Time Operating System
Share it to:

Multi User Operating System Notes in Hindi

What is Multi User Operating System in Hindi

Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है जानने के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Multi Programming Operating System

ऐसा आपरेटिंग सिस्टम जिसमें एक समय में एक से अधिक यूजर कार्य कर सकते है मल्टी यूजर आपरेटिंग सिस्टम कहलाते है। सामान्यतः इस प्रकार के आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग नेटवर्क पर किया जाता है जहा एक से अधिक यूजर एक साथ कार्य करते है। मल्टी यूजर आपरेटिंग सिस्टम प्रत्येक यूजर के लिए session उपलब्ध कराता है। प्रत्येक यूजर अपने session में अपने Terminal की सहायता से सर्वर पर कार्य करते है।

Multi Tasking आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है, यह Multi Programming आपरेटिंग सिस्टम से किस प्रकार भिन्न होता है जानने के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Multi Tasking Operating System

यहाँ Terminal का अर्थ Keyboard & Monitor के एक सेट से है। ऐसे बहुत से Terminal मल्टी यूजर आपरेटिंग सिस्टम में कम्प्यूटर से जुड़े होते है। Unix, Linux तथा Mainframe OS मल्टी यूजर आपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख उदाहरण है। इनका प्रयोग समान्यतः Mini और Mainframe कम्प्यूटरों पर किया जाता है जो मल्टी यूजर कम्प्यूटर होते है।

Multi User Operating System Notes in Hindi
Fig. Multi User Operating System

I-Facts (Interesting facts about Mulituser Operating Systems)

  1. Unix एक Command line Interface (CLI) पर आधारित Multi user व Multi tasking आपरेटिंग सिस्टम है। इसका विकास Dennis Ritchie, Ken Thompson व इनके साथियों ने मिलकर किया है। यह C – Language में लिखा गया पहला आपरेटिंग सिस्टम है।
  2. Linux एक Free Open Source आपरेटिंग सिस्टम है जिसका विकास Linux Community के द्वारा किया गया है। यह Graphical User Interface (GUI) पर आधारित आपरेटिंग सिस्टम है।
  3. IBM द्वारा Mainframe कम्प्यूटर के लिए बनाए गए कुछ आपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण है— OS System / 360, SVS (Single Virtual Storage), MVS (Multiple Virtual Storage).
  4. Multi Processing आपरेटिंग सिस्टम क्या होता है यह कितने प्रकार का होता है जानने के लिए देखें—Multi Processing Operating System
Share it to: