Pointer to function in C++ in Hindi

Pointer to function in C++ in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखे—Functions in C++

किसी बड़े प्रोग्राम को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके लिखा जाता है जिसे Function कहते है। प्रोग्राम बनाते समय हमें कई सारे कार्यो को बार-बार करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए हमें एक ही Statements को बार-बार टाईप करना पड़ता है। Function का प्रयोग इसी समस्या से बचने के लिए किया जाता है। इसमें किसी विशेष कार्य से संबंधित Statements को एक स्थान पर रखा जाता है। फिर जब भी प्रोग्राम में इस विशेष कार्य को करने की जरूरत पड़ती है तो Function का नाम लिखकर उसे Call करते है।

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखे—Pointers in C++

सामान्यतः हम function को उसका नाम लिखकर Call करते है किन्तु किसी सामान्य Variable, Array, Structure, String की तरह function को भी Pointer की सहायता से Point किया जा सकता है और इसके प्रयोग से Call भी किया जा सकता है। इसके लिए Function के अनुसार विशेष प्रकार से Pointer Declare करने की जरूरत होती है फिर उस Function के Address को Pointer में Assign करते है। इसके बाद हम Function के नाम के स्थान पर Pointer का प्रयोग करके Function को Call कर सकते है।

Function call by value और call by reference क्या होता है जानने के लिए देखें—Call by value and reference

Pointer to function in C CPP in Hindi

Function example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
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Pointer and String and Pointer to String in C++ in Hindi

Pointer and String and Pointer to String in C++ in Hindi

String के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Strings in C++

String एक ऐसा variable होता है जिसमें अक्षर या अक्षरों के समूह को स्टोर किया जा सकता है। इसका प्रयोग किसी अक्षर, शब्द, वाक्य, नाम, पहचान नम्बर, पता आदि को स्टोर करने के लिए किया जाता है। वास्तव में String एक Characters का One Dimensional Array होता है जिसके प्रत्येक Character मेमोरी में 1 Byte का स्थान लेते है। प्रत्येक String के अंत में सदैव एक एक Special Character ‘\0’ स्टोर होता है जिसे Null Character कहते है। इसे String Termination Character भी कहा जाता है जो String के अंत को सूचित करता है।

Pointers के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variableस, Array व Structure को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी String Variable को भी आसानी से Point किया जा सकता है। इसके साथ ही Pointer के प्रयोग से String पर ऐसे बहुत से Operations किए जा सकते है जो सामान्य प्रकार से नहीं किए जा सकते है। उदाहरण के लिए हम किसी सामान्य String Variable के मान को किसी दूसरे String Variable में स्टोर नहीं कर सकते है किन्तु किसी Pointer String Variable के मान को दूसरे Pointer String Variable में स्टोर कर सकते है। इसी प्रकार किसी सामान्य String Variable को Declare करते ही Initialize करना होता है किन्तु Pointer String Variable को Declare करके प्रोग्राम में कहीं भी Initialize कर सकते है।

C++ में function क्या है जानने के लिए देखें—Functions in C++

Pointer and String and Pointer to String in C in Hindi

String example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
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Pointer to structure in C++ in Hindi

Pointer to structure in C++ in Hindi

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Structure को भी Point किया जा सकता है। यहाँ Structure को Point करने का अर्थ उसके Members को Pointer के द्वारा Access करना है। सामान्यतः हम Structure के Members को Structure Variable के द्वारा Access करते है। किन्तु Structure के Members को Pointer के द्वारा Access करने के लिए Structure Variable को Pointer के रूप में भी Declare किया जा सकता है। इन दोनों में अंतर यह है कि जब हम Structure Variable को सामान्य प्रकार का Declare करते है तो उसके Members को Dot Operator ( . ) के द्वारा Access करते है किन्तु Pointer प्रकार का Declare करते है तो Arrow Operator ( -> ) के द्वारा Access करते है।

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C++

Pointer to structure in C++ in Hindi

C++ में Union क्या होता है जानने के लिए देखें—Unions in C++

Structure example programs in C++

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure
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Pointer to array in C++ in Hindi

Pointer to array in C++ in Hindi

Array के बारे में अधिक जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Arrays in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Array Variable को भी Point किया जा सकता है। C++ में Pointer की एक महत्वपूर्ण विशेषता होती है कि इसके साथ Arithmetic Operations भी किए जा सकते है। अर्थात् Pointer के साथ भी जोड़ने घटाने का कार्य कर सकते है।

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Pointers in C++

जब भी हम Pointer Variable में 1 जोड़ते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte आगे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है। ठीक इसी प्रकार जब भी हम Pointer Variable में 1 घटाते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte पिछे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है।

C++ में Structures क्या है जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Structures in C++

चूँकि Array के सारे Variables मेमोरी में Contiguous Locations में अर्थात् एक के बाद एक स्टोर होते है अतः हम किसी Pointer का प्रयोग कर इसे Increment करते हुए संपूर्ण Array को Point कर सकते है। इसके लिए पहले हमें Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को Pointer में स्टोर करना होता है। Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को इसका Base Address कहा जाता है। उदाहरण—

Pointer to array in C CPP

Array example programs in C++

  1. Declaration and initialization of array
  2. Input-output in array
  3. Sum and average of array elements
  4. Largest Element in Array
  5. Smallest element in Array
  6. Reverse Elements of Array
  7. Merging two arrays
  8. Searching in array (Linear search)
  9. Sorting in array (Selection sort)
  10. Pointer to array
  11. Transpose of Matrix
  12. Addition of  two matrix
  13. Multiplication of two matrix
  14. Sum of elements of matrix
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This pointer notes in C++ in Hindi

What is this pointer in C++ in Hindi

C++ में pointers के बारे में अधिक जानने के लिए यह पोस्ट देखें—Pointers in C++

C++ में this keyword एक special pointer होता हैं। इसका प्रयोग उस object के address को store करने के लिए किया जाता है जो member function को call करता है। This pointer में object का address automatic ही store हो जाता है। इस प्रकार this pointer उस object को point करता है जो किसी member function को call करता है। उदाहरण के लिए t.displayaddress() object t के address को this poniter में store करता है और this pointer को implicit argument के रूप में function displayaddress() को pass करता हैं।

This pointer का एक और प्रयोग किसी variable में value store करने के लिए किया जाता है। वैसे तो हम explicit तरीके से this pointer प्रयोग किए बिना ही variable में value को store कर सकते हैं किन्तु ऐसी स्थिति में C++ Automatic ही this pointer का use कर लेता हैं।

This pointer notes in C++ in Hindi

Pointer to pointer क्या होता है जानने के लिए यह पोस्ट देखें—Pointer to pointer in C++

Example program for this pointer in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class test
{
    private:
        int num;
    public:
        void printaddress()
        {
            cout<<"my object's address: "<<this<<endl;
            num=10;
            cout<<"num = "<<num<<endl;
            this->num=20;
            cout<<"num = "<<num<<endl;
        }
};
int main()
{
    test t;
    t.printaddress();
    return 0;
}

Output:

This pointer notes in C++ in Hindi

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
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Pointer to Pointer in C++ in Hindi

Pointer to Pointer in C++ in Hindi

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

Pointer एक ऐसा Variable होता है जो किसी दूसरे Variable के Memory Address (Reference) को स्टोर करके रखता है। इसे Single Asterisk Sign * के साथ Declare किया जाता है। इसी प्रकार यदि हमें किसी Pointer Variable के Address को स्टोर करके रखना है तो इसके लिए Double Pointer Variable बनाना पड़ता है। इसे Double Asterisk Sign ** के साथ Declare किया जाता है। चूँकि यह किसी दूसरे Pointer Variable के Address को स्टोर करता है इसीलिए इसे Pointer to Pointer भी कहते है। पुनः यदि हम Double Pointer Variable के Address को स्टोर करना चाहते है तो इसके लिए Triple Pointer Variable भी बना सकते है। साथ ही इस Chain को आगे जितना चाहे उतना Level तक बढ़ा सकते है और इसके किसी भी Point से Original Value तक पहुँच सकते है।

C++ में this pointer क्या है जानने के लिए देखें—This pointer in C++

Pointer to Pointer in C++ Language in Hindi
Fig. Pointer to Pointer in C++

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
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Pointers in C++ in Hindi

Pointers in C++ in Hindi

Pointer to pointer के बारे में जानने के लिए देखें—Pointer to pointer in C++

Pointer एक ऐसा Variable होता है जो किसी दूसरे Variable को Point करता है अर्थात् किसी दूसरे Variable के Memory Address (Reference) को स्टोर करके रखता है। यह C++ का एक Powerful Feature है जिसकी सहायता से हम किसी Variable के Address का प्रयोग करते हुए उसके Value को Access कर सकते है। इसके लिए हमें जिस टाईप के Variable के Address को स्टोर करना होता है Pointer Variable को भी उसी टाईप का बनाना होता है।

किसी Pointer Variable को बनाना एवं उसमें किसी दूसरे Variable को Address को स्टोर करना बहुत आसान कार्य होता है। इसको बनाते समय Asterisk Sign * का प्रयोग किया जाता है जिसे Dereferencing Operator या Value at Address Operator कहा जाता है। इसी प्रकार इसमें किसी Variable के Address को स्टोर करने के लिए Ampersand Sign & का प्रयोग किया जाता है जिसे referencing Operator या Address of Operator कहा जाता है।

this pointer क्या है जानने के लिए देखें—This pointer in C++

Pointers in C++ in Hindi

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
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