High Level Programming Languages in Hindi

What is High Level Programming Languages in Hindi

वे प्रोग्रामिंग भाषाएँ जिन्हें Computer और User दोनों ही समझ सकते हैं High Level Language कहलाती हैं। वर्तमान में बहुत सारे High Level Language उपलब्ध हैं जिन्हें कोई भी बहुत आसानी से सीखकर प्रोग्राम विकसित कर सकता है। कम्प्यूटर High Level Language में लिखे प्रोग्राम को सीधे नहीं समझता है। इसलिए इन्हें Compiler  या Interpreter की सहायता से Machine language में Translate करने की आवश्यकता होती हैं। इसके बाद ही कम्प्यूटर इसे समझकर execute कर पाता है। प्रोग्रामिंग भाषाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Programming Languages. कुछ प्रमुख High Level Language  निम्नलिखित हैं–

High Level Programming Languages in Hindi

FORTRAN

FORTRAN शब्द Formula Translation का संक्षिप्त रूप है। इसे सन् 1957 में IBM के John Backus के द्वारा विकसित किया गया था। इसका प्रयोग मुख्यतः वैज्ञानिक एवं गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता हैं। यह पहली High Level Language कहलाती हैं। साथ ही यह दुनिया पहली मानक भाषा भी है।

COBOL

COBOL शब्द Common Business Oriented Language का संक्षिप्त रूप है। इस भाषा का विकास सन् 1959 में Grace Murray Hopper मार्गदर्शन में अमेरीका में किया गया था। इसका प्रयोग मुख्यतः Business से संबंधित प्रोग्राम बनाने व Business Data Processing के लिए किया जाता हैं।

BASIC

BASIC का पूरा नाम Beginner’s All Purpose Symbolic Instructions Code होता है। इसे सन् 1964 में Dr. John Kemeny और Thomas Kurtz ने विकसित किया था। इस भाषा का प्रयोग मुख्यतः नये प्रोग्रामरों को प्रोग्रामिंग सिखाने के लिए किया जाता है। इसलिए इसे अन्य भाषाओं के लिए नींव का पत्थर भी कहा जाता है।

Pascal

Pascal भाषा का नाम महान् गणितज्ञ Blaise Pascal के नाम पर रखा गया है। इसका विकास Niklaus Wirth ने सन् 1970 में किया था। यह मुख्यतः System Software बनाने के लिए विकसित किया गया था। इसे Block Structured Language भी कहा जाता है।

C

C भाषा का विकास सन् 1972 में AT & T अमेरिका की Bell Laboratories में किया गया था। इसे वैज्ञानिक Dennis Ritchie ने विकसित किया था। इसका नाम C इसलिए रखा गया क्योंकि इसके पूर्व भाषा का नाम B था। इसका प्रयोग मुख्यतः System Software बनाने में किया जाता है किन्तु इसकी सहायता से सभी प्रकार के साफ्टवेयर बनाए जा सकते है। इसमें Low Level Language और High Level Language दोनों की विशेषताएँ होती है। इसीलिए इसे middle level language भी कहा जाता हैं।

C++

C++ भाषा का विकास Bjarne Stroustrup ने सन् 1980 में AT & T अमेरिका की Bell Laboratories में किया था। इस भाषा का विकास C भाषा में बहुत सारे नये features जोड़कर किया गया था। इसलिए इसका नाम C++ रखा गया। C++ का प्रयोग भी मुख्यतः सिस्टम साफ्टवेयर बनाने के लिए किया जाता है किन्तु इसकी सहायता से सभी प्रकार के साफ्टवेयर बनाए जा सकते है। C और C++ में मुख्य अंतर यह है कि C प्रोग्राम बनाने की Procedure Oriented Programming (POP) तकनीक को Support करता है जबकि C++ Object Oriented Programming (OOP) तकनीक को Support करता हैं।

Java

Java भाषा का विकास कंपनी Sun Microsystem ने 1990 में किया था। यह भी एक Object Oriented Programming भाषा हैं जिसका प्रयोग मुख्यतः Website से संबंधित Application बनाने के के लिए किया जाता है। इसमें बनाए गए Application सभी Devices जैसे—Desktop, Laptop, Tablet, Smartphone पर चलते हैं। इसलिए इसे Platform Independent language भी कहा जाता हैं।

Visual Basic

Visual Basic भाषा का विकास Microsoft Company ने सन् 1991 में किया था। यह भी एक Object Oriented Programming भाषा हैं जो Graphical Interface में ड्रैग एवं ड्राप विधि से साफ्टवेयर बनाने की सुविधा प्रदान करता है। इससे कोडिंग सीखे बिना भी साफ्टवेयर बनाना बहुत आसान हो जाता है। इसीलिए इसे Userfriendly भाषा भी कहा जाता है। इसका प्रयोग मुख्यतः Application Software बनाने के लिए  किया जाता है।

I-Facts (Interesting facts about High Level Programming Languages)

  1. PROLOG (Programming in Logic) व LISP (List Processing) का प्रयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के लिए किया जाता है।
  2. LOGO भाषा का प्रयोग कम उम्र के बच्चों को रेखाचित्र व ग्राफ के माध्यम से कम्प्यूटर सिखाने के लिए किया जाता है।
  3. ALGOL (Algorithmic Language) का प्रयोग बीजगणितीय गणनाओं के लिए किया जाता है।
  4. COMAL (Common Algorithmic Language) का प्रयोग मध्य स्तर के छात्रों को प्रोग्रामिंग की शिक्षा देने में किया जाता है।
  5. RPG (Report Program Generator) का प्रयोग व्यावसायिक कार्यो के फलस्वरूप प्राप्त रिपोर्ट को आउटपुट करने के लिए किया जाता है।
  6. Low Level Programming Languages के बारे में जानने के लिए देखें—Low Level Programming Languages (LLL)
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Programming Languages in Hindi

Introduction to Programming Languages in Hindi

प्रोग्रामिंग भाषा एक ऐसी भाषा या टूल है जिसके द्वारा प्रोग्राम (साफ्टवेयर) बनाये जाते हैं। जिस प्रकार हम आपस में बात करने के लिए किसी न किसी भाषा का प्रयोग करते हैं उसी प्रकार कम्प्यूटर से संवाद करने और उसे निर्देश देने के लिए प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग किया जाता हैं। हमारी भाषा की तरह ही प्रोग्रामिंग भाषा में भी अक्षर, शब्द व वाक्य होते हैं तथा इसके भी व्याकरण होते हैं। प्रोग्रामिंग भाषाएँ बहुत सारी हैं जिन्हें निम्नलिखित दो वर्गो में विभाजित किया जाता है–

Programming Languages
Fig. Classification of Programming Languages

Low Level Programming Languages

वे प्रोग्रामिंग भाषाएँ जिन्हें केवल कम्प्यूटर ही समझ सकता हैं Low Level Language कहलाती है। Low Level Language कम्प्यूटर की अपनी भाषा होती है इसीलिए कम्प्यूटर इन्हें सीधे ही समझकर execute करता है। अर्थात् इसमें लिखे निर्देशों को Translate करने की जरूरत नहीं पड़ती है। Low Level Programming Languages के निम्नलिखित दो उदाहरण है—(Low Level भाषाओं के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Low Level Programming Languages (LLL))

  1. Machine Language (Binary Language)
  2. Assembly Language (Mnemonics)

High Level Programming Languages

वे प्रोग्रामिंग भाषाएँ जिन्हें Computer और User दोनों ही समझ सकते हैं High Level Language कहलाती हैं। कम्प्यूटर High Level Language में लिखे प्रोग्राम को सीधे नहीं समझता है। इसलिए इन्हें Compiler  या Interpreter की सहायता से Machine language में Translate करने की आवश्यकता होती हैं। High Level Programming Languages निम्नलिखित प्रमुख उदाहरण है— (High Level भाषाओं के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—High Level Programming Languages (HLL))

  1. FORTRAN
  2. COBOL
  3. Basic
  4. Pascal
  5. C
  6. C++
  7. Java
  8. Visual Basic

I-Facts (Interesting facts about Programming Languages)

  1. First Generation Programming Languages: Machine Language को प्रथम पीढ़ी की प्रोग्रामिंग भाषा कहा जाता है।
  2. Second Generation Programming Languages: Assembly Language को द्वितीय पीढ़ी की प्रोग्रामिंग भाषा कहा जाता है।
  3. Third Generation Programming Languages: FORTRAN, COBOL, BASIC, Pascal, C, C++, Java, Visual Basic जैसे उच्च स्तरीय भाषाओं को तृतीय पीढ़ी की प्रोग्रामिंग भाषा कहा जाता है।
  4. Fourth Generation Programming Languages: SQL, Java Script, Microsoft FrontPage जैसी Domain Specific भाषाएँ चतुर्थ पीढ़ी की प्रोग्रामिंग भाषाएँ कहलाती है।
  5. Fifth Generation Programming Languages: LISP, Prolog जैसी Artificial Intelligence वाली भाषाओ को पाँचवी पीढ़ी की प्रोग्रामिंग भाषा कहा जाता है।
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