Firmware Program notes in Hindi

What is Firmware Program in Hindi

Utility Programs किन्हें कहते है विभिन्न प्रकारे के यूटिलिटि प्रोग्राम कौन – कौन से है जानने के लिए देखें—Utility Software: Service Programs

Firmware एक विशेष प्रकार का प्रोग्राम या साफ्टवेयर होता है जो कम्प्यूटर के अंदर Non-Volatile मेमोरी में स्टोर रहता है। फर्मवेयर न केवल कम्प्यूटरों में प्रयोग किया जाता है बल्कि यह सभी प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाइसो में भी पाया जाता है। जैसे— Keyboard, Mouse, Printer, CD/DVD Drives, Hard Disk Drive, Video Cards, TV, Washing Machine, Digital Camera आदि में भी फर्मवेयर होता है। वास्तव में फर्मवेयर मेमोरी और साफ्टवेयर दोनों को एकसाथ कहा जाता है जिसे इन डिवाईसों में इसके निर्माण के समय ही डाल दिया जाता है।

फर्मवेयर में ये डिवाईस दूसरे डिवाईसो से कैसे संचार करेंगे इसके लिए आवश्यक निर्देश होते है। उदाहरण के लिए कम्प्यूटर में ROM मेमोरी में BIOS फर्मवेयर होता है जो विभिन्न डिवाइसो के Configurations & Settings को स्टोर करता है और कम्प्यूटर को स्टार्ट करने में मदद करता है। पहले फर्मवेयर को रखने के लिए ROM का प्रयोग किया जाता था किन्तु वर्तमान में फर्मवेयर EEPROM मेमोरी में स्टोर होता है जो एक Flash Memory है।

Firmware Program notes in Hindi
Fig. Firmware

I-Facts (Interesting facts related to Firmware Programs in Hindi)

  1. BIOS – Basic Input Output System कम्प्यूटर के ROM मेमोरी में स्टोर Firmware है जो कम्प्यूटर को स्टार्ट करने का कार्य करता है। यह कम्प्यूटर का Power Button दबाते ही स्वतः सक्रिय हो जाता है।
  2. ROM – Read Only Memory कम्प्यूटर की एक Primary Memory है जिसमें लिखे निर्देशों को मिटाया नही जा सकता है। इसीलिए इसे Non-Volatile Memory भी कहा जाता है। इसमें BIOS Program स्टोर होता है।
  3. EEPROM – Electrically Erasable Programmable Read Only Memory का संक्षिप्त रूप है। यह ROM का एक प्रकार है जिसमें स्टोर डेटा को विद्युत से मिटाया जा सकता है। Pen Drive EEPROM का उदाहरण है।
  4. Linker और Loader क्या होता है कम्प्यूटर में इनका उपयोग कब किया जाता है जानने के लिए देखें—Linker and Loader
Share it to:

Device Driver Software notes in Hindi

What is Device Driver Program in Hindi

Firmware क्या होता है इसकी क्या उपयोगिता होती है जानने के लिए देखें—Firmware: Preloaded Programs in Devices

Device Driver एक ऐसा साफ्टवेयर होता है जो किसी विशेष डिवाइस को कम्प्यूटर से जोड़ने का कार्य करता है। जब भी हमें कम्प्यूटर में किसी डिवाइस को कनेक्ट करके प्रयोग करना होता है तो इसके लिए इसके ड्राईवर साफ्टवेयर को Install करना पड़ता है अन्यथा हम उस डिवाइस का प्रयोग नहीं कर सकते है।

डिवाईस ड्राईवर डिवाईस और आपरेटिंग सिस्टम के मध्य Translator का कार्य करता है। इसकी सहासता से ही हम उस हार्डवेयर डिवाईस से Interact कर पाते है। यह आपरेटिंग सिस्टम के Input/Output निर्देशों को डिवाईस के समझने योग्य निर्देशों में परिवर्तित करता है।

कम्प्यूटर में सामान्य डिवाईस ड्राईवर के अतिरिक्त Virtual Device Drivers (VxD) का प्रयोग भी किया जाता है जो Applications और Devices के मध्य सीधे ही संचार स्थापित करता है। इसकी सहायता से एक से अधिक Applications एक ही समय में एक ही डिवाईस को बिना किसी बाधा के Access करते है।

Device Driver notes in Hindi
Fig. Communication between OS and Devices

I-Facts (Interesting facts about Device Driver Programs in Hindi)

  1. कुछ जरूरी Device जैसे—मॉनीटर, की-बोर्ड, माउस, हेडफोन, पेन ड्राइव आदि के डिवाईस ड्राइवर आपरेटिंग सिस्टम के साथ ही आते है। इसलिए हमें इनका प्रयोग करने के लिए किसी प्रकार के ड्राईवर को Install नहीं करना पड़ता है। ऐसे डिवाईसों को Plug and Play डिवाईस कहा जाता है।
  2. बड़े Devices जैसे—प्रिंटर, स्केनर, स्पीकर आदि के डिवाईस ड्राइवर आपरेटिंग सिस्टम के साथ नहीं आते है अतः इनकी प्रयोग करने के लिए इनका ड्राईवर Install करना जरूरी होता है। इनका ड्राईवर डिवाईस के निर्माता कम्पनीयो के द्वारा डिवाईस को बेचते समय सीडी में डालकर दिया जाता है।
  3. Language Translator या Compiler किसे कहते है इसका प्रयोग क्यो किया जाता है जानने के लिए देखें—Compiler: A Language Translator Program
Share it to: