Linker and Loader notes in Hindi

Linker and Loader notes in Hindi

Compiler क्या है यह कैसे कार्य करता है जानने के लिए देखें—Compiler: A Language Translator Program

किसी छोटे कम्प्यूटर प्रोग्राम को बनाना और कम्प्यूटर पर क्रियान्वित कर वांछित आउटपुट प्राप्त करना Multiple Steps में होने वाली प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया प्रोग्राम के Source Code के लेखन से प्रारंभ होती है। इस दौरान Source Code विभिन्न चरणों जैसे— Compilation, Linking, Loading और Execution से होकर गुजरता है। Compiler का कार्य प्रोग्राम के Source Code को बाईनरी में परिवर्तित करना होता है इसके बाद Linker और Loader की बारी आती है।

Linker एक ऐसा प्रोग्राम है जो कम्पाइलर के द्वारा बनाए गए सभी आबजेक्ट को असेम्बल करके इन्हें एक executable फाईल में परिवर्तित करता है। यह प्रोग्राम के objects व libraries दोनों को लिंक करके एक executable फाईल बनाता है। Executable फाईल ही वास्तविक साफ्टवेयर होता है जिसे कम्प्यूटर समझता है और रन करता है।

Utility Programs क्या होते है इनका प्रयोग करने की आवश्यकता क्यो होती है जानने के लिए देखें—Utility Software: Service Programs

Loader एक ऐसा प्रोग्राम है जो लिंकर के द्वारा बनाए गए executable फाईल या साफ्टवेयर को रन करने के लिए कम्प्यूटर की मेमोरी में लोड करता है। लोड करते समय यह साफ्टवेयर के निर्देशों के लिए मेमोरी एड्रेस प्रदान करता है। मेमोरी में लोड होने के बाद ही प्रोसेसर साफ्टवेयर के निर्देशों को execute कर पाता है। सामान्यतः Loader आपरेटिंग सिस्टम का ही भाग होता है।

Linker and Loader notes in Hindi
Fig. Linking and Loading Process

I-Facts (Interesting facts on Linker and Loader in Hindi)

  1. लिंकर सामान्यतः दो प्रकार का होता है—Linkage Editor और Dynamic Linker.
  2. Linkage Editor एक ऐसा लिंकर होता है जो प्रोग्राम की लोडिंग से पहले Objects व Libraries को लिंक करके Relocatable या Executable File उत्पन्न करता है जबकि Dynamic Linker इसी कार्य को प्राग्राम की लोडिंग के समय Run Time में करता है।
  3. वर्तमान में Program Loading के लिए तीन Approach Absolute Loading, Relocatable Loading और Run Time Loading का प्रयोग किया जाता है।
  4. Absolute Loading में Program को सदैव एक ही मेमोरी लोकेशन में लोड किया जाता है। Relocatable Loading में प्रोग्राम के लिए Actual Address न उत्पन्न कर Relative Address उत्पन्न करता है। Dynamic Loading में प्रोग्राम के Execution के समय Run Time में इसके लिए Absolute Address उत्पन्न किया जाता है।
  5. Debugger क्या होता है इसका प्रयोग क्यो किया जाता है जाननेे के लिए देखें—Debugger: A Debugging Tool
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I am a computer teacher, programmer and web developer