Laser Printers notes in Hindi

Laser Printer एक Non Impact प्रिंटर हैं जो Photocopy/Xerox मशीन के सिद्धांत पर कार्य करता है। इस प्रिंटर में ऐसा Cartridge प्रयोग किया जाता है जिसके अंदर सुखी स्याही पाउडर होता हैं जिसे Toner कहते है। साथ ही इसमें लेजर किरण उत्पन्न करने वाला एक लेजर स्रोत और एक धानावेशित फोटोसंवेदी ड्रम होता है। लेजर स्रोत से उत्पन्न लेजर किरण दर्पणों से परावर्तित होकर धनावेशित फोटोसंवेदी ड्रम से टकराता है। लेजर किरण ड्रम के जिस-जिस भाग से टकराता है वहा के धनावेश को मिटाकर ऋणावेश में बदल देता है और इस प्रकार ड्रम में पूरे पेज में जो कुछ प्रिंट होना है उसका इमेज तैयार हो जाता है।

Laser Printers notes in Hindi
Fig. Laser Printer

जब यह ड्रम घूमता है तो इसके ऋणावेशित स्थान पर धनावेशित टोनर चिपक जाता है। इसके बाद प्रिंटर कागज को खींचता है और उसे धनावेशित कर कर देता है। इस प्रकार जब पेपर ड्रम के करीब से गुजरता है तो ऋणावेशित टोनर कागज पर स्थानान्तरित हो जाता है जिससे आउटपुट कागज पर छप जाता है। यह आउटपुट भी अस्थायी होता है जिसे स्थायी रूप से कागज पर छापने के लिए काजग को एक गरम रोलर से गुजारा जाता है।

सामान्यतः लेजर प्रिंटर में अपना खुद का Microprocessor, RAM तथा ROM होता है। इसके ROM में प्रिंटिंग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रोग्राम लोड होते है। लेजर प्रिंटर के छपाई की क्वालिटी सबसे अच्छी होती है। यह 300 से 1200 DPI Resolution में छपाई करता है तथा इसकी गति 1-20 पेज प्रति मिनट की होती है। इसका प्रयोग बड़ी मात्रा में छपाई के लिए किया जा सकता है। साथ ही इसका प्रयोग Offset Printer की Master Copy छापने में भी होता है। किन्तु यह रंगीन प्रिंटिंग उतने अच्छे से नहीं कर पाता है साथ ही यह बहुत महंगा व भारी होता है।

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