History and Development of Computer in Hindi

History and Development of Computer in Hindi

वैसे तो आधुनिक कम्प्यूटर पिछले 100 सालों में विकसित हुआ है किन्तु कम्प्यूटर का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है। हजारों सालो से मनुष्य ऐसी मशीन बनाने का प्रयास करता रहा है जो उसके लिए सभी कार्य कर सके। शायद आधुनिक कम्प्यूटर मनुष्य के इसी प्रयास का फल है। किन्तु आज कम्प्यूटर जैसा है यह अपनी शुरूआत में ऐसा नहीं हुआ करता था। यह धीरे-धीरे हजारों सालों में विकसित होते हुए अपने वर्तमान स्वरूप में आया है। इसके विकास यात्रा के कुछ महत्वपूर्ण पड़ाव निम्नलिखित है—

Abacus

Abacus (गिनतारा) को कम्प्यूटर के इतिहास का पहला पड़ाव माना जाता है। यह एक Mechanical Device है जिसे गिनती और गणना करने के लिए प्रयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि आज से लगभग 4-5 हजार साल पूर्व मेसोपोटामिया में सबसे पहले इसे बनाया गया था। उस समय यह रेत पर बनाए गए क्यारियों के Frames और गोल पत्थरों के Beads का बना हुआ था। किन्तु वर्तमान में यह लकड़ी या प्लास्टिक का बना होता है जिसका प्रयोग स्कूल में छोटे बच्चों को गिनती और गणना सीखाने के लिए किया जाता है।

History and Development of Computer in Hindi Abacus
Fig. Abacus

Pascaline

Pascaline दुनिया का सबसे पहला Mechanical Calculating Machine था जिसे सन् 1645 में फ्रांस के गणितज्ञ Blaize Pascal ने बनाया था। इस मशीन की सहायता से केवल जोड़ने व घटाने का कार्य ही किया जा सकता था इसीलिए इसे Adding Mchine भी कहा जाता है। इसमें घूमने वाली दाँतेदार चकरिया लगी होती थी जिसके किनारे पर 0 से 9 तक के अंक छपे रहते थे। प्रत्येक चकरी अपने से पहले वाले चकरी के एक चक्कर पूरा होने पर एक अंक घूमती थी। आज भी बाईक, कार आदि में लगा Odometer इसी सिद्धांत पर कार्य करता है।

Analytical Engine

Analytical Engine को सन् 1833 में अंग्रेज गणितज्ञ Charles Babbage ने तैयार किया था। यह भी एक Mechanical Machine था जो पंचकार्ड पर संग्रहित निर्देशों के अनुसार Automatic कार्य करके आउटपुट देता था। आज के कम्प्यूटर भी मेमोरी में संग्रहीत निर्देशों के अनुसार Automatic कार्य करते है इसीलिए Analytical Engine को आधुनिक कम्प्यूटर का Prototype भी कहा जाता है। साथ ही Charles Babbage के कम्प्यूटर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होने का कारण उन्हें Father of Computer Science भी कहा जाता है।

Mark-I

Mark-I Computer को सन् 1944 में Dr. Howard Aiken व उनके चार साथियों ने मिलकर बनाया था। इसे दुनिया का सबसे पहला Electromechanical Computer कहा जाता है। इसका शुरूआती नाम Automatic Sequence Controller Calculator था किन्तु जब इसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी भेजा गया तो यहाँ इसका नाम बदल कर Mark-I रख दिया गया।

ABC

सन् 1945 में दो वैज्ञानिक Atanasoff तथा Berry ने एक Electronic Machine विकसित किया जिसका नाम ABC रखा गया। यह पहला ऐसा मशीन था जिसमें सभी प्रकार के डेटा को बाईनरी में स्टोर किया जाता था। साथ ही इसमें गणना करने के लिए किसी Mechanical Switch के बजाय Electronics का प्रयोग किया जाता था। इसीलिए इसे दुनिया का सबसे पहला Electronic Digital Computer कहा जाता है। कम्प्यूटर की पीढ़ियों के बारे में जानने के लिए यह पोस्ट देखें—Generations of Computer

I-Facts (Interesting facts about History and Development of Computer)

  1. Abacus को दुनिया का सबसे पहला गणक यंत्र माना जाता है।
  2. ABC Atanasoff Berry Computer का संक्षिप्त रूप है।
  3. अंग्रेजी कम्प्यूटर वैज्ञानिक एवं गणितज्ञ Charles Babbage को उनके Analytical Engine पर किए गए कार्य के लिए कम्प्यूटर विज्ञान का पिता कहा जाता है।
  4. Ada Augusta नामक अंग्रेजी महिला गणितज्ञ ने Analytical Engine में पहला प्रोग्राम डाला था इसीलिए उन्हें दुनिया का प्रथम प्रोग्रामर कहा जाता है।
  5. कम्प्यूटर के विकास में सर्वाधिक योगदान अमेरिका को Dr. Van Neumann का माना जाता है। इन्हें ही Data और Instructions को Binary System में स्टोर करने का श्रेय दिया जाता है।
  6. अमेरिकी कम्प्यूटर वैज्ञानिक John Mccarthy  को Artificial Intelligence (AI) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के कारण AI का जनक कहा जाता है।
  7. अंग्रेजी कम्प्यूटर वैज्ञानिक और गणितज्ञ Alan Turning ने Algorithm और Computation के सिद्धांतो को एक औपचारिक रूप दिया। इसीलिए इन्हें कई बार Theoritical Computer Science, Artificial Intelligence और आधुनिक कम्प्यूटर विज्ञान का पिता कहा जाता है।
  8. ऐसा कहा जाता है कि Binary Number System का विकास जर्मन गणितज्ञ Gottfried Wilhelm Leibniz ने किया था।
  9. Punch Card का अविष्कार अमेरिकी Herman Hollerith नें किया जिसके प्रयोग से 7 वर्ष में होने वाला जनगणना कार्य 3 वर्ष में ही पूरा हो गया।
  10. Herman Hollerith नें पंचकार्ड बनाने वाली Tabulating Machine Company की स्थापना की जो आगे चलकर International Business Machine (IBM) के नाम से प्रसिद्ध हुई।
  11. Punch Card एक Stiff Paper का टुकड़ा होता है जिसे विद्युत से संचालित किया जाता है। इसमें डिजिटल सूचना जैसे-डेटा व प्रोग्रामों को कागज पर Holes की उपस्थिति और अनुपस्थिति के रूप में दर्शाया जाता है। इसे Hollerith Card या IBM Card भी कहा जाता है।
  12. Punch Card से डेटा Read करने के लिए Punch Card Reader का प्रयोग किया जाता है जो एक Input Device है।
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I am a computer teacher, programmer and web developer