Functions in C++ in Hindi

Functions in C++ in Hindi

Call by value और Call by reference के बारे में जानने के लिए देखें—Call by value and reference

किसी बड़े प्रोग्राम को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके लिखा जाता है जिसे Function कहते है। प्रोग्राम बनाते समय हमें कई सारे कार्यो को बार-बार करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए हमें एक ही Statements को बार-बार टाईप करना पड़ता है। Function का प्रयोग इसी समस्या से बचने के लिए किया जाता है। इसमें किसी विशेष कार्य से संबंधित Statements को एक स्थान पर रखा जाता है। फिर जब भी प्रोग्राम में इस विशेष कार्य को करने की जरूरत पड़ती है तो Function का नाम लिखकर उसे Call करते है। बड़े प्रोग्राम को Function में विभाजित करके लिखने के बहुत सारे लाभ होते है। इससे हम एक ही Statements को बार-बार लिखने से तो बच ही जाते है साथ ही इससे प्रोग्राम को समझना और उसमें गलतियों को ढूंढ़ना भी बहुत आसान हो जाता है।

Function Recursion क्या होता है जानने के लिए देखें—Recursion in C++

Types of Function in C++

Predefined Functions

ऐसे Functions जो C++ में पहले से ही बने होते है Predefined Functions कहलाते है। हम इन Functions को Call करके प्रयोग कर सकते है किन्तु इनमें कोई परिवर्तन नहीं कर सकते है। इन्हें Built in Funcitons या Library Functions भी कहा जाता है। C++ में बहुत सारे Predefined Functions उपलब्ध है जिनका Declaration और Definition किसी विशेष फाईल में होता है जिन्हें Header Files कहा जाता है। कुछ Herder Files और उसमें Defined Functions निम्नलिखित है—

stdio.h – scanf(), printf() etc.

conio.h – clrscr(), getch() etc.

math.h – sqrt(), pow(), abs() etc.

string.h – strcpy(), strcmp(), strcat(), strlen() etc.

Userdefined Functions

ऐसे Functions जिन्हें C++ में यूजर के द्वारा बनाया जाता है Userdefined Functions कहलाते है। कई बार हमें प्रोग्राम में ऐसा कार्य करना होता है जिसके लिए कोई Predefined Function उपलब्ध नहीं होता है। ऐसी स्थिति में हमें ही नया Function बनाने की जरूरत पड़ती है। नया Function बनाने के लिए निम्नलिखित तीन Steps होते है—

Declaration

इस Step में Function का नाम और उसके द्वारा लिए जाने वाले Arguments की संख्या व टाईप को निर्धारित किया जाता है। साथ ही इसमें Function का Return Type क्या होगा यह भी बताया जाता है। यदि Function कोई Argument नहीं लेता है और कोई Value Return नहीं करता है तो इसे void लिखकर Declare किया जाता है।

Syntax:

return_type function_name(lits of arguments);

Examples:

int sum(int, int);
float average(int,int,int);
float interest(int,float,float);
void display(void);

Definition

इस Step में Function के कार्यो निर्धारित किया जाता है। इसमें Function की Body में आने वाले सभी Statements को लिखा जाता है। ये Statements ही इस बात को निर्धारित करते है कि Function क्या कार्य करेगा और कैसे करेगा।

Syntax:

return_type function_name(lits of arguments)
{
	body of function;
}

Example:

int sum(int x, int y)
{
	return x+y;
}

Call

इस Step में Function को Call किया जाता है। Function को Call करने का अर्थ इसे प्रोग्राम में प्रयोग करना होता है। इसे Call करते समय इसमें Values Pass किया जाता है जिन्हें Arguments या Parameters कहा जाता है। Function Pass किए गए Arguments पर प्रोसेसिंग करने Answer Value Return करता है।

Syntax:

function_name(lits of arguments);

Example:

sum(a,b);

Pointer to function कैसे किया जाता है जानने के लिए देखें—Pointer to function

Function example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
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I am a computer teacher, programmer and web developer