Pointer to structure in C++ in Hindi

Pointer to structure in C++ in Hindi

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Structure को भी Point किया जा सकता है। यहाँ Structure को Point करने का अर्थ उसके Members को Pointer के द्वारा Access करना है। सामान्यतः हम Structure के Members को Structure Variable के द्वारा Access करते है। किन्तु Structure के Members को Pointer के द्वारा Access करने के लिए Structure Variable को Pointer के रूप में भी Declare किया जा सकता है। इन दोनों में अंतर यह है कि जब हम Structure Variable को सामान्य प्रकार का Declare करते है तो उसके Members को Dot Operator ( . ) के द्वारा Access करते है किन्तु Pointer प्रकार का Declare करते है तो Arrow Operator ( -> ) के द्वारा Access करते है।

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C++

Pointer to structure in C++ in Hindi

C++ में Union क्या होता है जानने के लिए देखें—Unions in C++

Structure example programs in C++

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure
Share it to:

Pointer to array in C++ in Hindi

Pointer to array in C++ in Hindi

Array के बारे में अधिक जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Arrays in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Array Variable को भी Point किया जा सकता है। C++ में Pointer की एक महत्वपूर्ण विशेषता होती है कि इसके साथ Arithmetic Operations भी किए जा सकते है। अर्थात् Pointer के साथ भी जोड़ने घटाने का कार्य कर सकते है।

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Pointers in C++

जब भी हम Pointer Variable में 1 जोड़ते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte आगे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है। ठीक इसी प्रकार जब भी हम Pointer Variable में 1 घटाते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte पिछे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है।

C++ में Structures क्या है जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Structures in C++

चूँकि Array के सारे Variables मेमोरी में Contiguous Locations में अर्थात् एक के बाद एक स्टोर होते है अतः हम किसी Pointer का प्रयोग कर इसे Increment करते हुए संपूर्ण Array को Point कर सकते है। इसके लिए पहले हमें Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को Pointer में स्टोर करना होता है। Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को इसका Base Address कहा जाता है। उदाहरण—

Pointer to array in C CPP

Array example programs in C++

  1. Declaration and initialization of array
  2. Input-output in array
  3. Sum and average of array elements
  4. Largest Element in Array
  5. Smallest element in Array
  6. Reverse Elements of Array
  7. Merging two arrays
  8. Searching in array (Linear search)
  9. Sorting in array (Selection sort)
  10. Pointer to array
  11. Transpose of Matrix
  12. Addition of  two matrix
  13. Multiplication of two matrix
  14. Sum of elements of matrix
Share it to:

This pointer notes in C++ in Hindi

What is this pointer in C++ in Hindi

C++ में pointers के बारे में अधिक जानने के लिए यह पोस्ट देखें—Pointers in C++

C++ में this keyword एक special pointer होता हैं। इसका प्रयोग उस object के address को store करने के लिए किया जाता है जो member function को call करता है। This pointer में object का address automatic ही store हो जाता है। इस प्रकार this pointer उस object को point करता है जो किसी member function को call करता है। उदाहरण के लिए t.displayaddress() object t के address को this poniter में store करता है और this pointer को implicit argument के रूप में function displayaddress() को pass करता हैं।

This pointer का एक और प्रयोग किसी variable में value store करने के लिए किया जाता है। वैसे तो हम explicit तरीके से this pointer प्रयोग किए बिना ही variable में value को store कर सकते हैं किन्तु ऐसी स्थिति में C++ Automatic ही this pointer का use कर लेता हैं।

This pointer notes in C++ in Hindi

Pointer to pointer क्या होता है जानने के लिए यह पोस्ट देखें—Pointer to pointer in C++

Example program for this pointer in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class test
{
    private:
        int num;
    public:
        void printaddress()
        {
            cout<<"my object's address: "<<this<<endl;
            num=10;
            cout<<"num = "<<num<<endl;
            this->num=20;
            cout<<"num = "<<num<<endl;
        }
};
int main()
{
    test t;
    t.printaddress();
    return 0;
}

Output:

This pointer notes in C++ in Hindi

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
Share it to:

Recursion in C++ in Hindi

Recursion in C++ in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखे—Functions in C++

C++ Language में कोई फंक्शन स्वयं को भी Call कर सकता है। C++ के इस गुण को Recursion कहते है तथा ऐसे फंक्शन जो स्वयं को Call करते है Recursive Function कहलाते है। C++ में कोई भी Userdefined Function Recursive Function हो सकता है साथ ही इसमें main() को भी Recursive बनाया जा सकता है। Recursion की सहायता से बहुत सारे Problems खासकर Tower of Hanoi, Tree Traversals आदि को आसानी से हल किया जा सकता है। साथ ही ऐसे सारे Programs जो Iteration के प्रयोग से बनते है Recursion से भी बनाए जा सकते है। जब हम प्रोग्राम में Recursive Function बनाते है तो इसके अंदर if का प्रयोग अनिवार्य रूप से करते है नहीं तो Infinite Loop की स्थिती निर्मित हो जाती है। Recursion का मुख्य लाभ यह है कि इससे कई सारे बड़े प्रोग्राम की कोडिंग छोटी हो जाती है किन्तु इसके Logic को समझना बहुत कठिन होता है। उदाहरण—

Function call by value और call by reference क्या होता है जानने के लिए देखें—Call by value and reference

Recursion in C Language in Hindi

Example programs for recursion in C++

  1. Series of natural numbers
  2. Table of number
  3. Factorial of number
  4. Power of number
  5. Fibonacci series

Example programs for function in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
Share it to:

Classes and Objects in C++ in Hindi

Explain Classes and Objects in C++ in Hindi

Object Oriented Programming (OOPs) की अन्य सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं के बारे में जानने के लिए देखें—Concepts of OOP

Class और Object Object Oriented Programming(OOPs) के दो महत्वपूर्ण अवधारणें है। इनका विस्तृत वर्णन निम्नलिखित है—

Class

Class एक user-defined डेटा टाईप होता है और objects class type के variable होते है। हम जानते है कि object oriented system में समस्या को हल करने के लिए सबसे पहले हम समस्या से संबंधित entities का मॉडल बनाते जिन्हें objects कहते  है। लेकिन objects बनाने से पहले हमें उसobjects के लिए class को define करने की आवश्यकता होती  है। एक बार class को define कर देने के बाद हम उस class से संबंधित कितने भी objects बना सकते है। प्रत्येक object के पास उस class के data एवं functions का set होता है जिससे वे संबंधित होते है। Class के अंदर defineकिए गए सभी data एवं functions  उस class के member कहलाते है। Class definition सामान्यतः दो भागों private और public में विभाजित रहता है। हम सामान्यतः data को private भाग में तथा functions को public भाग में declare करते है किन्तु ऐसा करना जरूरी नहीं होता है। एक महत्वपूर्ण बात जो यहा ध्यान देनी चाहिए कि जब हम class को define करते है तो इसकेmembers के लिए कोई मेमोरी allocate नहीं होती है। Members के लिए मेमोरी केवल तबallocate होती है जब हम उस class का object बनाते है और यह प्रत्येक objects के लिए अलग-अलग allocate होती है।

Class definition syntax:

class class_name
{
     private:
          member data;
     public:
          member functions;
};

Class definition example:

class student
{
     private:
          char name[10];
          int marks;
          float percent;
     public:
          void getdata(void);
          void putdata(void);
};

Object

Object समस्या से संबंधित entities के model होते है। वास्तव में object संबंधित data व functions के समूह होते है। इन्हें object oriented system में basic run time entities भी कहते है। ये समस्या के वास्तविक दुनिया के entities जैसे—student, customer, products को represent करते है जिन्हें प्रोग्राम को handle करना होता है। वास्तविक दुनिया में प्रत्येक entity के कुछ न कुछ data व functions होते है। उदाहरण के लिए यदि entity कोई student है तो name, marks, percent आदि इसके data हो सकते है तथा getdata, putdata आदि इसके function हो सकते है। एक object के अंतर्गत आने वाले data को केवल उसी object के functions के द्वारा ही access किया जा सकता है। किन्तु एक object के अंतर्गत आने वाले functions को दूसरे object के functions के द्वारा भी access किया जा सकता है। इस प्रकार OOP में data बाहरी object से छिपा हुआ व सुरक्षित रहता है।

Object creation syntax:

class_name object_name;

Object creation example:

student s1;
Representation of Object
Fig. Representation of Object

Example program for Class and Object in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class student
{
private:
    char name[10];
    int marks;
    float percent;
public:
    void getdata(void);
    void putdata(void);
};
void student::getdata(void)
{
    cout<<"Enter name: ";
    cin>>name;
    cout<<"Enter marks: ";
    cin>>marks;
    cout<<"Enter percent: ";
    cin>>percent;
}
void student::putdata(void)
{
    cout<<"Name: "<<name<<endl;
    cout<<"Marks: "<<marks<<endl;
    cout<<"Percent: "<<percent<<endl;
}
int main()
{
    student s1,s2;
    s1.getdata();
    s2.getdata();
    s1.putdata();
    s2.putdata();
    return 0;
}

Output

Example program for class and object in C++
Share it to:

Function Call by value and reference in C++ in Hindi

Function Call by value and reference in C++ in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Functions in C++

जब हम main program में किसी function को call करते हैं तो उसमें arguments pass करते हैं। arguments के रूप में हम सामान्यतः variables के नाम को pass करते हैं। इसे function call by value कहा जाता है क्योंकि variables का नाम लिख कर call करने पर इनकी value pass होती हैं। किन्तु function को variable के address देकर भी call किया जा सकता हैं जिसे call by reference कहते हैं। चूँकि call by reference में variable का address दिया जाता हैं इसलिए function के द्वारा variable के मान में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने पर variable की original value भी परिवर्तित हो जाती हैं। इस प्रकार function call by value and में by reference निम्नलिखित अंतर होता है—

Function Recursion क्या होता है जानने के लिए देखें—Recursion in C++

Difference between function call by value and call by reference in C in Hindi
Fig. Difference between function call by value and call by reference

Function example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
Share it to:

Unions in C++ in Hindi

Unions in C++ in Hindi

Structure और Union में अंतर जानने के लिए देेखें—Structure vs Union

Union Structure की तरह ही एक ऐसा Variable होता है जिसमें अलग-अलग टाईप के डेटा को स्टोर किया जा सकता है। किन्तु इसके डेटा को स्टोर करने का तरीका Structure से अलग होता है। जहा Structure आपने सारे Members को अलग-अलग मेमोरी Locations पर स्टोर करता है वही Union आपने सारे Members को एक ही मेमोरी Location पर स्टोर करता है। इसीलिए एक समय में इसके केवल एक Member को ही Access किया जा सकता है किन्तु Structure में हम एक ही समय में इसके सभी Members को Access कर सकते है। अतः Union का प्रयोग प्रोग्राम में तब किया जाता है जब एक समय में केवल एक ही Member को Access करने की जरूरत होती है। चूँकि Union के Members एक ही मेमोरी Location को Share करते है इसीलिए इसका Size इसके सबसे बड़े Member के Size के बराबर होता है जबकि Structure का Size इसके सभी Members के Size का योग होता है। इस प्रकार हम कह सकते है कि Union के प्रयोग से मेमोरी की बचत होती है।

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C++

Unions in C++ in Hindi
Fig. Union in C++

C++ में functions के बारे में जानने के लिए देखें—Functions in C++

Union example programs in C++

  1. Declaration and initialization of union
  2. Differentiate Structure and Union
Share it to:

Functions in C++ in Hindi

Functions in C++ in Hindi

Call by value और Call by reference के बारे में जानने के लिए देखें—Call by value and reference

किसी बड़े प्रोग्राम को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके लिखा जाता है जिसे Function कहते है। प्रोग्राम बनाते समय हमें कई सारे कार्यो को बार-बार करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए हमें एक ही Statements को बार-बार टाईप करना पड़ता है। Function का प्रयोग इसी समस्या से बचने के लिए किया जाता है। इसमें किसी विशेष कार्य से संबंधित Statements को एक स्थान पर रखा जाता है। फिर जब भी प्रोग्राम में इस विशेष कार्य को करने की जरूरत पड़ती है तो Function का नाम लिखकर उसे Call करते है। बड़े प्रोग्राम को Function में विभाजित करके लिखने के बहुत सारे लाभ होते है। इससे हम एक ही Statements को बार-बार लिखने से तो बच ही जाते है साथ ही इससे प्रोग्राम को समझना और उसमें गलतियों को ढूंढ़ना भी बहुत आसान हो जाता है।

Function Recursion क्या होता है जानने के लिए देखें—Recursion in C++

Types of Function in C++

Predefined Functions

ऐसे Functions जो C++ में पहले से ही बने होते है Predefined Functions कहलाते है। हम इन Functions को Call करके प्रयोग कर सकते है किन्तु इनमें कोई परिवर्तन नहीं कर सकते है। इन्हें Built in Funcitons या Library Functions भी कहा जाता है। C++ में बहुत सारे Predefined Functions उपलब्ध है जिनका Declaration और Definition किसी विशेष फाईल में होता है जिन्हें Header Files कहा जाता है। कुछ Herder Files और उसमें Defined Functions निम्नलिखित है—

stdio.h – scanf(), printf() etc.

conio.h – clrscr(), getch() etc.

math.h – sqrt(), pow(), abs() etc.

string.h – strcpy(), strcmp(), strcat(), strlen() etc.

Userdefined Functions

ऐसे Functions जिन्हें C++ में यूजर के द्वारा बनाया जाता है Userdefined Functions कहलाते है। कई बार हमें प्रोग्राम में ऐसा कार्य करना होता है जिसके लिए कोई Predefined Function उपलब्ध नहीं होता है। ऐसी स्थिति में हमें ही नया Function बनाने की जरूरत पड़ती है। नया Function बनाने के लिए निम्नलिखित तीन Steps होते है—

Declaration

इस Step में Function का नाम और उसके द्वारा लिए जाने वाले Arguments की संख्या व टाईप को निर्धारित किया जाता है। साथ ही इसमें Function का Return Type क्या होगा यह भी बताया जाता है। यदि Function कोई Argument नहीं लेता है और कोई Value Return नहीं करता है तो इसे void लिखकर Declare किया जाता है।

Syntax:

return_type function_name(lits of arguments);

Examples:

int sum(int, int);
float average(int,int,int);
float interest(int,float,float);
void display(void);

Definition

इस Step में Function के कार्यो निर्धारित किया जाता है। इसमें Function की Body में आने वाले सभी Statements को लिखा जाता है। ये Statements ही इस बात को निर्धारित करते है कि Function क्या कार्य करेगा और कैसे करेगा।

Syntax:

return_type function_name(lits of arguments)
{
	body of function;
}

Example:

int sum(int x, int y)
{
	return x+y;
}

Call

इस Step में Function को Call किया जाता है। Function को Call करने का अर्थ इसे प्रोग्राम में प्रयोग करना होता है। इसे Call करते समय इसमें Values Pass किया जाता है जिन्हें Arguments या Parameters कहा जाता है। Function Pass किए गए Arguments पर प्रोसेसिंग करने Answer Value Return करता है।

Syntax:

function_name(lits of arguments);

Example:

sum(a,b);

Pointer to function कैसे किया जाता है जानने के लिए देखें—Pointer to function

Function example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
Share it to:

Array of Structure in C++ in Hindi

Array of Structure in C++ in Hindi

Structures के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C++

Structure का प्रयोग करके किसी Entity जैसे— Student, Employee, Customer, Product, Transaction आदि से संबंधित अलग-अलग टाईप के डेटा को आसानी से स्टोर किया जा सकता है। किन्तु इसमें Entity की संख्या अधिक होने पर पुनः हमें उतने ही Structure Variables बनाने होगें। अतः इस समस्या से बचने के लिए हम अलग-अलग Structure Variable न बनाकर Structure का ही Array बनाते है जिसे Array of Structures कहते है। इसकी सहायता से बहुत अधिक मात्रा में किसी Entities के Records को स्टोर करना सभंव होता है। साथ ही इसमें Loop के प्रयोग से सभी Records पर Input/Output Operation भी बहुत आसानी से प्रोग्राम की कोडिंग को बढ़ाए बिना ही किया जा सकता है। जब हम Array of Structure बनाते है तो इसके Variables भी मेमोरी में किसी सामान्य Array की तरह Contiguous Locations में अर्थात् एक के बाद एक स्टोर होते है।

Pointer to structure क्या है जानने के लिए देखें—Pointer to structure in C++

Array of Structure in C++
Fig. Array of Structures in C++

Union क्या है जाने इस पोस्ट में—Unions in C++

Structure example programs in C++

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure
Share it to:

Pointer to Pointer in C++ in Hindi

Pointer to Pointer in C++ in Hindi

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

Pointer एक ऐसा Variable होता है जो किसी दूसरे Variable के Memory Address (Reference) को स्टोर करके रखता है। इसे Single Asterisk Sign * के साथ Declare किया जाता है। इसी प्रकार यदि हमें किसी Pointer Variable के Address को स्टोर करके रखना है तो इसके लिए Double Pointer Variable बनाना पड़ता है। इसे Double Asterisk Sign ** के साथ Declare किया जाता है। चूँकि यह किसी दूसरे Pointer Variable के Address को स्टोर करता है इसीलिए इसे Pointer to Pointer भी कहते है। पुनः यदि हम Double Pointer Variable के Address को स्टोर करना चाहते है तो इसके लिए Triple Pointer Variable भी बना सकते है। साथ ही इस Chain को आगे जितना चाहे उतना Level तक बढ़ा सकते है और इसके किसी भी Point से Original Value तक पहुँच सकते है।

C++ में this pointer क्या है जानने के लिए देखें—This pointer in C++

Pointer to Pointer in C++ Language in Hindi
Fig. Pointer to Pointer in C++

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
Share it to: