Destructors Functions in C++ in Hindi

What is Destructor Function in C++ in Hindi

Constructor function क्या होता है? इसके कितने प्रकार होते है? तथा इसका क्या कार्य होता है जानने के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Constructor and its Types

Destructor भी constructor function की तरह ही एक special member function होता हैं। किन्तु इसका कार्य constructor से उल्टा होता हैं। Constructor का कार्य objects को initialize करना होता हैं और destructor का कार्य objects के द्वारा घेरे गए memory को free करना होता हैं। Destructor का नाम भी Constructor की तरह ही class के नाम से रखा जाता है किन्तु इसके नाम से पहले tilde (~) का निशान होता हैं। Destructor function का न तो कोई return type होता हैं और न हीं यह कोई Parameter लेता हैं। जब program का control scope के बाहर जाता हैं अर्थात् program पूरी तरह execute हो जाता हैं तो अंत में destructor function automatic call हो जाता हैं। Program में जितने object होते हैं destructor function भी उतने ही बार call होता हैं और objects के द्वारा घेरे गए memory को free कर देता हैं।

Example:

class test
{
  private:
  	int num;
  public: 
        test();
        test(int);
        ~test();    //destructor
};

Difference between Constructor and Destructor in C++ in Hindi

Constructor और Destructor में बहुत कुछ समानता है। दोनों के नामकरण व काल होना एक जैसे ही है किन्तु दोनों के कार्य एक दूसरे के विपरीत है। इन दोनों में अंतर को निम्नलिखित टेबल से समझा जा सकता है—

Difference between Constructor and Destructor in CPP in Hindi

Example program for Destructor function in C++

C++ में Function के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें—Functions in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class test
{
    private:
        int num;
    public:
        test();
        test(int);
        ~test();    //destructor
};
test::test()
{
    num=0;
    cout<<"default constructor called"<<endl;
    cout<<"num = "<<num<<endl;
}
test::test(int a)
{
    num=a;
    cout<<"parameterized constructor called"<<endl;
    cout<<"num = "<<num<<endl;
}
test::~test()
{
    cout<<"destructor called"<<endl;
}
int main()
{
    test t1;
    test t2(10);
    return 0;
}

Output:

default constructor called
num = 0
parameterized constructor called
num = 10
destructor called
destructor called

Friend function क्या होता है जानने के लिए इस पोस्ट को देखें—Friend Function in C++

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Constructor function and Its Types in C++ in Hindi

Introduction to Constructors in C++ in Hindi

C++ में function क्या होता है यह कैसे कार्य करता है जानने के लिए देखें हमारा यह पोस्ट—Functions in C++

Constructor एक special member function होता है, जिसका प्रयोग class के objects को initialize करने के लिए किया जाता हैं। constructor function का नाम class के नाम से रखा जाता हैं अर्थात् class का जो नाम होता है वही नाम constructor function का भी होता है। जब हम main() function में उस class का object बनाते हैं तो constructor function automatic call हो जाता हैं और उस object के members को initialize कर देता हैं।

Example:

Constructors and Its Types in C++ in Hindi

Types of Constructor Function in C++ in Hindi

C++ में निम्नलिखित चार प्रकार के Constructor Function होते है—

  1. Default constructor
  2. Parameterized constructor
  3. Copy Constructor
  4. Dynamic Constructor

Default Constructor

Default Constructor सबसे सामान्य प्रकार होता हैं। इसका प्रयोग objects को एक fix value से initialize करने के लिए किया जाता है।

Parameterized constructor

Parameterized Constructor ऐसा Constructor होता हैं, जिसकी सहायता से हम Parameter pass करके object को initialize कर सकते हैं।

Copy Constructor

Copy Constructor का प्रयोग एक object को दूसरे object से initialize करने के लिए किया जाता है। इसमें एक object की value को दूसरे object में copy किया जाता हैं।

Dynamic Constructor

Dynamic Constructor का प्रयोग Dynamic memory allocation में किया जाता है। इसकी सहायता से objects को Run time में बनाया जाता हैं। इसे Dynamic Creation of Object कहा जाता हैं।

Characteristics of Constructor Function in C++ in Hindi

  1. इसे हमेशा class के public section में declare किया जाता हैं।
  2. इन्हें अलग से call करने की जरूरत नहीं पड़ती है। जब उस class का object बनता है, तो यह automatic ही call हो जाता हैं।
  3. इसका कोई return type नहीं होता है अर्थात् यह कोई value return नहीं करता हैं।
  4. इनको inherit नहीं किया जा सकता हैं।
  5. Constructor function virtual नहीं हो सकता हैं।
  6. Constructor function को point नहीं किया जा सकता हैं।

Example Program for Default Constructor in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class test
{
    private:
        int num;
    public:
        test(); //default constructor
};
test::test()
{
    num=100;
    cout<<"Default constructor called"<<endl;
    cout<<"num = "<<num;
}
int main()
{
    test t;
    return 0;
}

Output:

Default constructor called
num = 100

C++ में Class और Objects के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Class and Object

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Friend function in C++ in Hindi

What is friend function in C++ in Hindi

हम जानते हैं कि OOPs को किसी एक class के private member के द्वारा ही access किया जा सकता हैं। किसी दूसरे class के member function private data को access नहीं कर सकते हैं किन्तु कई बार program बनाते समय ऐसी आवश्यकता होती है कि दूसरे class के function class के private data को access करे। ऐसा करने के लिए एक class के member function को किसी दूसरे class का friend function declare करना पड़ता हैं।

C++ में function क्या होता है अधिक जानने के लिए देखें—Functions in C++

इसके लिए C++ में friend keyword का प्रयोग किया जाता हैं। जब हम एक class के member function को friend keyword का प्रयोग कर दूसरे class का friend function बनाते हैं, तो इसको दूसरे class के private member को access करने का अधिकार मिल जाता हैं। किन्तु friend function private members को सीधे- सीधे access नहीं कर सकता है इसके लिए उसको उस class के object का प्रयोग करना पड़ता हैं।

Friend function in C++ in Hindi

Characteristics of friend function in C++ in Hindi

  1. Friend function उस class का member नहीं होता जिसमें इसे friend declare किया जाता हैं।
  2. चूंकि यह class का member नहीं होता इसलिए इसे उस class के object के द्वारा call भी नहीं किया जा सकता है।
  3. इसे बिना किसी object के किसी normal function की तरह call किया जा सकता हैं।
  4. यह class के private member को member function की तरह सीधे-सीधे use नहीं कर सकता हैं। इसके लिए यह उस class के object का प्रयोग करता हैं।
  5. इसे class के public व private दोनों ही section में प्रयोग किया जा सकता हैं।
  6. सामान्यतः friend function  में object को argument के रूप में pass किया जाता हैं।

C++ में this pointer क्या है जानने के लिए देखें—This pointer in C++

Example program for friend function in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class A;
class B
{
    private:
        int r, s, res;
    public:
        void sum(A);
};
class A
{
    private:
        int p, q, res;
    public:
        friend void B::sum(A);
};
void B::sum(A a)
{
    cout<<"Enter p: ";
    cin>>a.p;
    cout<<"Enter q: ";
    cin>>a.q;
    a.res=a.p+a.q;
    cout<<"sum p+q = "<<a.res<<endl;
    cout<<"Enter r: ";
    cin>>r;
    cout<<"Enter s: ";
    cin>>s;
    res=r+s;
    cout<<"sum r+s = "<<res<<endl;
}
int main()
{
    A a1;
    B b1;
    b1.sum(a1);
    return 0;
}

Output:

Enter p: 2
Enter q: 3
sum p+q = 5

Enter r: 4
Enter s: 1
sum r+s = 5
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Array of objects in C++ in Hindi

Explain Array of objects in C++ in Hindi

जिस प्रकार Structure का प्रयोग करके Structure का Array या Array of Structures बनाया जा सकता है। ठीक इसी प्रकार हम Objects का Array या Array of Objects भी बना सकते है। इस प्रकार यदि Integers का Array हो सकता है तो Structures का Array भी हो सकता है और Structures का Array हो सकता है तो Classes का भी Array हो सकता है। Classes के Array को ही Array of Objects कहा जाता है। इसमें सारे Objects मेमोरी में किसी Multidimensional Array की तरह Contiguous Locations में अर्थात् एक के बाद एक स्टोर होते है।

Object Oriented Programming (OOPs) की महत्वपूर्ण अवधारणाओं जैसे— Class, Object, Inheritance, Polymorphism आदि के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Concepts of OOP

Array of Objects बनाना बहुत ही आसान होता है। इसे किसी सामान्य Integer Array की तरह ही Declare किया जा सकता है। इसे Declare करते समय पहले Class का नाम फिर Object का नाम फिर Subscript Operator के अंदर Array का Size देते है तथा प्रोग्राम में प्रत्येक Object को Access करने के लिए Dot Operator और Array के Index का प्रयोग करते है। यहाँ भी Index 0 से प्रारंभ होता है और Object को सूचित करता है। इसका Declaration Syntax और Example निम्नलिखित है—

Explain Array of objects in C++ in Hindi

Example program for Array of objects in C++

#include<iostream>
using namespace std;
class student
{
private:
    char name[10];
    int marks;
    float percent;
public:
    void getdata(void);
    void putdata(void);
};
void student::getdata(void)
{
    cout<<"Enter name: ";
    cin>>name;
    cout<<"Enter marks: ";
    cin>>marks;
    cout<<"Enter percent: ";
    cin>>percent;
}
void student::putdata(void)
{
    cout<<"Name: "<<name<<endl;
    cout<<"Marks: "<<marks<<endl;
    cout<<"Percent: "<<percent<<endl;
}
int main()
{
    student s[3];
    int i;
    cout<<"Enter data of students:"<<endl;
    cout<<"_______________________"<<endl;
    for(i=0;i<3;i++)
    {
        s[i].getdata();
        cout<<endl;
    }
    cout<<"Entered data are:"<<endl;
    cout<<"________________________"<<endl;
    for(i=0;i<3;i++)
    {
        s[i].putdata();
        cout<<endl;
    }
    return 0;
}

Output:

Array of objects in C++ program output

C++ Language एवं इसके इतिहास के बारे में अधिक जानने के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Brief Introduction of C++

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Access Specifiers Modifiers or Visibility Levels in C++ in Hindi

What are Access Specifiers or Visibility Levels in C++ in Hindi

C++ में Class और Object क्या होता है इनका प्रोग्राम कैसे लिखते है जानने के लिए देखें—Class and Object

C++ में Access specifiers का प्रयोग class के members के लिए access permission निर्धारित करने के लिए किया जाता हैं। इसमें private, public व protected ये तीन तरह के access modifier होते हैं। इन तीनों keywords का प्रयोग करके ही हम class के members को private, public व protected declare करते है। इस प्रकार access specifier यह निर्धारित करते हैं कि class के members को किसी बाहरी function के द्वारा access किया जा सकता हैं कि नहीं। Access specifiers को access modifiers या visibility levels भी कहा जाता हैं।

  1. Private access specifier
  2. Protected access specifier
  3. Public access specifier
Access Specifiers Modifiers or Visibility Levels in C++ in Hindi

Private access specifier

Private access specifier के अंर्तगत declare किए गए members को केवल उसी class के functions के द्वारा ही access किया जा सकता है। ये किसी बाहरी function के access से सुरक्षित होते हैं। इसके अंतर्गत declare किया गया डेटा किसी बाहरी function से पूर्णतः छुपा हुआ व सुरक्षित रहता है।

Protected access specifier

Protected  access specifier के अंर्तगत declare किए गए members को भी बाहरी functions के द्वारा access नहीं किया जा सकता किन्तु इसके immediate derived class के function इन्हें access कर सकते हैं। इसमें डेटा private से कम किन्तु public से अधिक छुपा हुआ रहता है।

Public access specifier

Public access specifier के अंर्तगत declare किए गए members को किसी भी बाहरी class के functions के द्वारा access किया जा सकता हैं। इसलिए इसमें सामान्यतः functions को ही declare किया जाता है तथा data को private एवं protected में declare किया जाता हैं। इसमें डेटा बाहरी functions से छुपा हुआ नहीं रहता है।

Object Oriented Programmings (OOPs) के विभिन्न Concepts को जानने के लिए देखिए हमारा यह पोस्ट—Concepts of OOP

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Pointer to function in C++ in Hindi

Pointer to function in C++ in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखे—Functions in C++

किसी बड़े प्रोग्राम को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके लिखा जाता है जिसे Function कहते है। प्रोग्राम बनाते समय हमें कई सारे कार्यो को बार-बार करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए हमें एक ही Statements को बार-बार टाईप करना पड़ता है। Function का प्रयोग इसी समस्या से बचने के लिए किया जाता है। इसमें किसी विशेष कार्य से संबंधित Statements को एक स्थान पर रखा जाता है। फिर जब भी प्रोग्राम में इस विशेष कार्य को करने की जरूरत पड़ती है तो Function का नाम लिखकर उसे Call करते है।

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखे—Pointers in C++

सामान्यतः हम function को उसका नाम लिखकर Call करते है किन्तु किसी सामान्य Variable, Array, Structure, String की तरह function को भी Pointer की सहायता से Point किया जा सकता है और इसके प्रयोग से Call भी किया जा सकता है। इसके लिए Function के अनुसार विशेष प्रकार से Pointer Declare करने की जरूरत होती है फिर उस Function के Address को Pointer में Assign करते है। इसके बाद हम Function के नाम के स्थान पर Pointer का प्रयोग करके Function को Call कर सकते है।

Function call by value और call by reference क्या होता है जानने के लिए देखें—Call by value and reference

Pointer to function in C CPP in Hindi

Function example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer

Pointer example programs in C++

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
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Pointer and String and Pointer to String in C++ in Hindi

Pointer and String and Pointer to String in C++ in Hindi

String के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Strings in C++

String एक ऐसा variable होता है जिसमें अक्षर या अक्षरों के समूह को स्टोर किया जा सकता है। इसका प्रयोग किसी अक्षर, शब्द, वाक्य, नाम, पहचान नम्बर, पता आदि को स्टोर करने के लिए किया जाता है। वास्तव में String एक Characters का One Dimensional Array होता है जिसके प्रत्येक Character मेमोरी में 1 Byte का स्थान लेते है। प्रत्येक String के अंत में सदैव एक एक Special Character ‘\0’ स्टोर होता है जिसे Null Character कहते है। इसे String Termination Character भी कहा जाता है जो String के अंत को सूचित करता है।

Pointers के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variableस, Array व Structure को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी String Variable को भी आसानी से Point किया जा सकता है। इसके साथ ही Pointer के प्रयोग से String पर ऐसे बहुत से Operations किए जा सकते है जो सामान्य प्रकार से नहीं किए जा सकते है। उदाहरण के लिए हम किसी सामान्य String Variable के मान को किसी दूसरे String Variable में स्टोर नहीं कर सकते है किन्तु किसी Pointer String Variable के मान को दूसरे Pointer String Variable में स्टोर कर सकते है। इसी प्रकार किसी सामान्य String Variable को Declare करते ही Initialize करना होता है किन्तु Pointer String Variable को Declare करके प्रोग्राम में कहीं भी Initialize कर सकते है।

C++ में function क्या है जानने के लिए देखें—Functions in C++

Pointer and String and Pointer to String in C in Hindi

String example programs in C++

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
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Difference between structure and union in C++ in Hindi

Difference between structure and union in C++ in Hindi

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C++

Structure एक ऐसा Variable होता है जिसमें एक समय में एक से अधिक डेटा को स्टोर किया जा सकता है। इसमें स्टोर डेटा Array की तरह एक ही टाईप के हो यह जरूरी नहीं होता है। इसे विशेष रूप से किसी Entity अर्थात् Student, Employee, Customer, Product, Transaction आदि से संबंधित अलग-अलग टाईप के डेटा को स्टोर करने के लिए बनाया गया है। इसीलिए Structure को अलग-अलग प्रकार के डेटा का Collection भी कहा जाता है। वास्तव में Structure एक Single Variable न होकर Variables का समूह होता है जिन्हें Member Variables कहते है। Structure में प्रत्येक Member के लिए अलग-अलग मेमोरी Allocate होती है।

Syntax:

struct structure_name
{
	List of Members;
}structure_variables;

Example:

struct student
{
	char grade;
	int marks;
	float percent;
}s1;

Union के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Unions in C++

Union Structure की तरह ही एक ऐसा Variable होता है जिसमें अलग-अलग टाईप के डेटा को स्टोर किया जा सकता है। किन्तु इसके डेटा को स्टोर करने का तरीका Structure से अलग होता है। जहाँ Structure आपने सारे Members को अलग-अलग मेमोरी Locations पर स्टोर करता है वही Union आपने सारे Members को एक ही मेमोरी Location पर स्टोर करता है। इसीलिए एक समय में इसके केवल एक Member को ही Access किया जा सकता है किन्तु Structure में हम एक ही समय में इसके सभी Members को Access कर सकते है। अतः Union का प्रयोग प्रोग्राम में तब किया जाता है जब एक समय में केवल एक ही Member को Access करने की जरूरत होती है।

Syntax:

union union_name
{
	List of Members;
}union_variable;

Example:

union u
{
	char c;
        int i;
	float f;
}u1;

Difference between structure and union

Structure और Union की उपर्युक्त परिभाषा के आधार पर हम इन दोनों में निम्नलिखित अंतर निकाल सकते है—

Difference between structure and union in C in Hindi

Example programs for structure and union in C++

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure
  4. Declaration and initialization of union
  5. Differentiate Structure and Union
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Pointer to structure in C++ in Hindi

Pointer to structure in C++ in Hindi

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Structure को भी Point किया जा सकता है। यहाँ Structure को Point करने का अर्थ उसके Members को Pointer के द्वारा Access करना है। सामान्यतः हम Structure के Members को Structure Variable के द्वारा Access करते है। किन्तु Structure के Members को Pointer के द्वारा Access करने के लिए Structure Variable को Pointer के रूप में भी Declare किया जा सकता है। इन दोनों में अंतर यह है कि जब हम Structure Variable को सामान्य प्रकार का Declare करते है तो उसके Members को Dot Operator ( . ) के द्वारा Access करते है किन्तु Pointer प्रकार का Declare करते है तो Arrow Operator ( -> ) के द्वारा Access करते है।

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C++

Pointer to structure in C++ in Hindi

C++ में Union क्या होता है जानने के लिए देखें—Unions in C++

Structure example programs in C++

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure
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Pointer to array in C++ in Hindi

Pointer to array in C++ in Hindi

Array के बारे में अधिक जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Arrays in C++

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Array Variable को भी Point किया जा सकता है। C++ में Pointer की एक महत्वपूर्ण विशेषता होती है कि इसके साथ Arithmetic Operations भी किए जा सकते है। अर्थात् Pointer के साथ भी जोड़ने घटाने का कार्य कर सकते है।

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Pointers in C++

जब भी हम Pointer Variable में 1 जोड़ते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte आगे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है। ठीक इसी प्रकार जब भी हम Pointer Variable में 1 घटाते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte पिछे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है।

C++ में Structures क्या है जानने के लिए देखें यह पोस्ट—Structures in C++

चूँकि Array के सारे Variables मेमोरी में Contiguous Locations में अर्थात् एक के बाद एक स्टोर होते है अतः हम किसी Pointer का प्रयोग कर इसे Increment करते हुए संपूर्ण Array को Point कर सकते है। इसके लिए पहले हमें Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को Pointer में स्टोर करना होता है। Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को इसका Base Address कहा जाता है। उदाहरण—

Pointer to array in C CPP

Array example programs in C++

  1. Declaration and initialization of array
  2. Input-output in array
  3. Sum and average of array elements
  4. Largest Element in Array
  5. Smallest element in Array
  6. Reverse Elements of Array
  7. Merging two arrays
  8. Searching in array (Linear search)
  9. Sorting in array (Selection sort)
  10. Pointer to array
  11. Transpose of Matrix
  12. Addition of  two matrix
  13. Multiplication of two matrix
  14. Sum of elements of matrix
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