Pointer to function in C in Hindi

What is Pointer to function in C in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Functions in C

किसी बड़े प्रोग्राम को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके लिखा जाता है जिसे Function कहते है। प्रोग्राम बनाते समय हमें कई सारे कार्यो को बार-बार करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए हमें एक ही Statements को बार-बार टाईप करना पड़ता है। Function का प्रयोग इसी समस्या से बचने के लिए किया जाता है। इसमें किसी विशेष कार्य से संबंधित Statements को एक स्थान पर रखा जाता है। फिर जब भी प्रोग्राम में इस विशेष कार्य को करने की जरूरत पड़ती है तो Function का नाम लिखकर उसे Call करते है।

C-Language में Pointer क्या है जानने के लिए देखें—Pointers in C

सामान्यतः हम function को उसका नाम लिखकर Call करते है किन्तु किसी सामान्य Variable, Array, Structure, String की तरह function को भी Pointer की सहायता से Point किया जा सकता है और इसके प्रयोग से Call भी किया जा सकता है। इसके लिए Function के अनुसार विशेष प्रकार से Pointer Declare करने की जरूरत होती है फिर उस Function के Address को Pointer में Assign करते है। इसके बाद हम Function के नाम के स्थान पर Pointer का प्रयोग करके Function को Call कर सकते है।

Call by value और call by reference क्या होता जानने के लिए देखें—Call by value and reference

Function example programs in C

  1. Sum of two numbers using function
  2. Average of three numbers using function
  3. Swapping using function call by value
  4. Swapping using function call by reference
  5. Passing array as function argument
  6. Passing structure as function argument
  7. Pointer to Function
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Pointer and String and Pointer to String in C in Hindi

Relation between Pointer and String in C in Hindi

String के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Strings in C

String एक ऐसा variable होता है जिसमें अक्षर या अक्षरों के समूह को स्टोर किया जा सकता है। इसका प्रयोग किसी अक्षर, शब्द, वाक्य, नाम, पहचान नम्बर, पता आदि को स्टोर करने के लिए किया जाता है। वास्तव में String एक Characters का One Dimensional Array होता है जिसके प्रत्येक Character मेमोरी में 1 Byte का स्थान लेते है। प्रत्येक String के अंत में सदैव एक एक Special Character ‘\0’ स्टोर होता है जिसे Null Character कहते है। इसे String Termination Character भी कहा जाता है जो String के अंत को सूचित करता है।

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variableस, Array व Structure को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी String Variable को भी आसानी से Point किया जा सकता है। इसके साथ ही Pointer के प्रयोग से String पर ऐसे बहुत से Operations किए जा सकते है जो सामान्य प्रकार से नहीं किए जा सकते है। उदाहरण के लिए हम किसी सामान्य String Variable के मान को किसी दूसरे String Variable में स्टोर नहीं कर सकते है किन्तु किसी Pointer String Variable के मान को दूसरे Pointer String Variable में स्टोर कर सकते है। इसी प्रकार किसी सामान्य String Variable को Declare करते ही Initialize करना होता है किन्तु Pointer String Variable को Declare करके प्रोग्राम में कहीं भी Initialize कर सकते है।

C-Language में Array क्या है जानने के लिए देखें—Arrays in C

Pointer and String and Pointer to String in C in Hindi

C-Language में File Management क्या है जानने के लिए देखें—Introduction to File

String example programs in C

  1. String input-output without space
  2. String input-output with space
  3. Strlwr() function example program
  4. Strupr() function example program
  5. Strlen() function example program
  6. Strrev() function example program
  7. Strcpy() function example program
  8. Strcat() function example program
  9. Strcmp() function example program
  10. String and Pointer
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Difference between structure and union in C in Hindi

Difference between structure and union in C in Hindi

What is structure?

Structure एक ऐसा Variable होता है जिसमें एक समय में एक से अधिक डेटा को स्टोर किया जा सकता है। इसमें स्टोर डेटा Array की तरह एक ही टाईप के हो यह जरूरी नहीं होता है। इसे विशेष रूप से किसी Entity अर्थात् Student, Employee, Customer, Product, Transaction आदि से संबंधित अलग-अलग टाईप के डेटा को स्टोर करने के लिए बनाया गया है। इसीलिए Structure को अलग-अलग प्रकार के डेटा का Collection भी कहा जाता है। वास्तव में Structure एक Single Variable न होकर Variables का समूह होता है जिन्हें Member Variables कहते है। Structure में प्रत्येक Member के लिए अलग-अलग मेमोरी Allocate होती है।

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C

Syntax and example of structure:

struct structure_name
{

	List of Members;

}structure_variables;
struct student
{
	char grade;
	int marks;
	float percent;
}s1;

What is union?

Union Structure की तरह ही एक ऐसा Variable होता है जिसमें अलग-अलग टाईप के डेटा को स्टोर किया जा सकता है। किन्तु इसके डेटा को स्टोर करने का तरीका Structure से अलग होता है। जहाँ Structure आपने सारे Members को अलग-अलग मेमोरी Locations पर स्टोर करता है वही Union आपने सारे Members को एक ही मेमोरी Location पर स्टोर करता है। इसीलिए एक समय में इसके केवल एक Member को ही Access किया जा सकता है किन्तु Structure में हम एक ही समय में इसके सभी Members को Access कर सकते है। अतः Union का प्रयोग प्रोग्राम में तब किया जाता है जब एक समय में केवल एक ही Member को Access करने की जरूरत होती है।

Union के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Unions in C

Syntax and example of union:

union union_name
{

	List of Members;

}union_variable;
union u
{
	char c;
        int i;
	float f;
}u1;

Difference between structure and union in C

Difference between structure and union in C in Hindi

Structure example programs in C

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure

Union example programs in C

  1. Declaration and initialization of union
  2. Differentiate Structure and Union
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Pointer to structure in C in Hindi

Pointer to structure in C in Hindi

Structure के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Structures in C

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Structure को भी Point किया जा सकता है। यहाँ Structure को Point करने का अर्थ उसके Members को Pointer के द्वारा Access करना है। सामान्यतः हम Structure के Members को Structure Variable के द्वारा Access करते है।

Array of Structure क्या है जानने के लिए देखें—Array of structures in C

किन्तु Structure के Members को Pointer के द्वारा Access करने के लिए Structure Variable को Pointer के रूप में भी Declare किया जा सकता है। इन दोनों में अंतर यह है कि जब हम Structure Variable को सामान्य प्रकार का Declare करते है तो उसके Members को Dot Operator ( . ) के द्वारा Access करते है किन्तु Pointer प्रकार का Declare करते है तो Arrow Operator ( -> ) के द्वारा Access करते है।

C-Language में Union क्या है जानने के लिए देखें—Unions in C

Pointer to structure in C in Hindi

Structure example programs in C

  1. Declaration and initialization of structure
  2. Array of structure
  3. Pointer to structure
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Pointer to Array in C in Hindi with example program

What is Pointer to Array in C in Hindi

C-Language में Array क्या है जानने के लिए देखें—Arrays in C

जिस प्रकार हम Pointer का प्रयोग किसी सामान्य Variable को Point करने के लिए करते है ठीक उसी प्रकार इसकी सहायता से किसी Array Variable को भी Point किया जा सकता है। C में Pointer की एक महत्वपूर्ण विशेषता होती है कि इसके साथ Arithmetic Operations भी किए जा सकते है। अर्थात् Pointer के साथ भी जोड़ने घटाने का कार्य कर सकते है।

C-Language में Pointer क्या है जानने के लिए देखें—Pointers in C

जब भी हम Pointer Variable में 1 जोड़ते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte आगे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है। ठीक इसी प्रकार जब भी हम Pointer Variable में 1 घटाते है तो यह जिस प्रकार के Variable को Point करा रहा है उसके मेमोरी लोकेशन से उसके साईज के उतने ही Byte पिछे के मेमोरी लोकेशन को Point करने लगता है।

C-Language में String क्या है जानने के लिए देखें—Strings in C

चूँकि Array के सारे Variables मेमोरी में Contiguous Locations में अर्थात् एक के बाद एक स्टोर होते है अतः हम किसी Pointer का प्रयोग कर इसे Increment करते हुए संपूर्ण Array को Point कर सकते है। इसके लिए पहले हमें Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को Pointer में स्टोर करना होता है। Array के सबसे पहले Element के एड्रेस को इसका Base Address कहा जाता है। उदाहरण—

Pointer to array in C CPP in Hindi

C-Language में File Management क्या है जानने के लिए देखें—Introduction to File

Example programs for array in C

  1. Declaration and initialization of array
  2. Input-output in array
  3. Sum and average of array elements
  4. Largest Element in Array
  5. Smallest element in Array
  6. Reverse Elements of Array
  7. Merging two arrays
  8. Searching in array (Linear search)
  9. Sorting in array (Selection sort)
  10. Pointer to array
  11. Transpose of Matrix
  12. Addition of  two matrix
  13. Multiplication of two matrix
  14. Sum of elements of matrix
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Types of Pointer in C in Hindi

Types of Pointer in C Language in Hindi

Pointer के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Pointers in C

Pointer एक ऐसा Variable होता है जो किसी दूसरे Variable को Point करता है अर्थात् किसी दूसरे Variable के Memory Address (Reference) को स्टोर करके रखता है। यह C का एक Powerful Feature है जिसकी सहायता से हम किसी Variable के Address का प्रयोग करते हुए उसके Value को Access कर सकते है। C Language में निम्नलिखित प्रकार के Pointers होते है—

Types of Pointer in C in Hindi

Pointer to pointer के बारे में जानने के लिए देखें—Pointer to pointer in C

Pointer

यह साधारण Pointer होता है जिसका प्रयोग किसी दूसरे Variable को Point करने के लिए किया जाता है। इसकी सहायता से char, int, float आदि Variables को Point कर सकते है। इसके लिए Pointer Variable को भी उसी टाईप का Declare करना होता है जिस टाईप के Variable को Point करना चाहते है। उदाहरण—

int num=5;
int *ptr;
ptr=#
printf(“Value of num = %d”, *ptr);

Void Pointer

इसे General Purpose या Generic Pointer  भी कहा जाता है। यह किसी विशेष डेटा टाईप से संबंधित नहीं होता है। अतः यह सभी प्रकार के डेटा टाईप को Point कर सकता है। इसमें Dereferincing करते समय Type Casting करने की जरूरत पड़ती है। उदाहरण—

int num=5;
void *ptr;
ptr=#
printf(“Value of num = %d”, *(int*)ptr);

C-Language में Union क्या है जानने के लिए देखें—Unions in C

Null Pointer

यह एक ऐसा Pointer होता है जो किसी को भी Point नहीं करता है या 0 Memory Location को Point करता है। इसका प्रयोग Pointer को initialize करने के लिए कर सकते है। उदाहरण—

int *ptr = NULL;
printf(“Value of ptr = %u”, ptr);

Wild Pointer

ऐसा Pointe जिसे Declare करने के बाद Initialize नहीं किया गया है Wild Pointer कहलाता है। यह किसी भी Random मेमोरी लोकेशन को Point करता है। उदाहरण—

int *ptr;
printf(“Value of ptr = %u”, ptr);

C-Language में Structure क्या है जानने के लिए देखें—Structures in C

Dangling Pointer

यह ऐसा Pointer है जो किसी Deallocated या Non-Existing मेमोरी लोकेशन को Point करता है। उदाहरण—

int *ptr = (int*) malloc(sizeof(int));
free(ptr);

Pointer example programs in C

  1. Declaration and assignment of pointer
  2. Pointer to pointer
  3. Sum of two numbers using pointer
  4. Average of three numbers using pointer
  5. Swapping two variables using pointer
  6. Pointer Arithmetic
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Function Recursion in C Language in Hindi

What is Function Recursion in C Language in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Functions in C

C-Language में कोई फंक्शन स्वयं को भी Call कर सकता है। C के इस गुण को Recursion कहते है तथा ऐसे फंक्शन जो स्वयं को Call करते है Recursive Function कहलाते है। C में कोई भी Userdefined Function Recursive Function हो सकता है साथ ही इसमें main() को भी Recursive बनाया जा सकता है।

Call by value और call by reference क्या होता जानने के लिए देखें—Call by value and reference

Recursion की सहायता से बहुत सारे Problems खासकर Tower of Hanoi, Tree Traversals आदि को आसानी से हल किया जा सकता है। साथ ही ऐसे सारे Programs जो Iteration के प्रयोग से बनते है Recursion से भी बनाए जा सकते है। जब हम प्रोग्राम में Recursive Function बनाते है तो इसके अंदर if का प्रयोग अनिवार्य रूप से करते है नहीं तो Infinite Loop की स्थिती निर्मित हो जाती है। Recursion का मुख्य लाभ यह है कि इससे कई सारे बड़े प्रोग्राम की कोडिंग छोटी हो जाती है किन्तु इसके Logic को समझना बहुत कठिन होता है। उदाहरण—

Recursion in C Language in Hindi

Pointer to Function के बारे में जानने के लिए देखें—Pointer to function

Function Recursion example programs

  1. Series of natural numbers
  2. Table of number
  3. Factorial of number
  4. Power of number
  5. Fibonacci series
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Features and Powers of C Language Notes in Hindi

Features and Powers of C Language in Hindi

C एक बहुत ही प्रसिद्ध Programming Language है। इसकी निम्नलिखित विशेषताएँ व शक्तियाँ जो इसे इतनी लोकप्रिय बनाती है— (C भाषा के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Brief Introduction of C)

Features and Powers of C Language Notes in Hindi

Standard Language

C is a standard programming language. The programming techniques of the current programming languages such as C ++, Java, C #, Java script, PHP, .NET etc. have been taken from C.

C एक standard programming language हैं। वर्तमान के प्रसिध्द प्रोग्रामिंग भाषाओं जैसे- C++, Java, C#, Java script, PHP, .NET आदि में प्रोग्रामिंग की तकनीक C से ही ली गयी हैं।

Versatile Language

C is a versatile language i.e., with the help of it we can not only create system software, but also applications, commercial, scientific all types of software can be developed.

C एक versatile language हैं अर्थात् इसकी सहायता से न केवल system software बनाए जाते हैं बल्कि application, commercial, scientific सभी प्रकार के software बनाए जा सकते हैं।

Portable Language

C is a portable language i.e., the programs created in it run on all types of operating systems and computers.

C एक portable language है अर्थात् इसमें बनाए गए प्रोग्राम सभी प्रकार के आपरेटिंग सिस्टम व कम्प्यूटर पर चलते हैं।

Middle Level Language

C has characteristics of both the low level language and high level language. That’s why it is also called middle level language. In this, both the development and execution of the program is fast.

C में Low level Language एवं high level language दोनों की विशेषताएं होती है। इसीलिए इसे middle level language भी कहा जाता हैं। इसमें प्रोग्राम का development और execution दोनों ही fast होता है।

Unbeatable speed

Programs written in C are executed at a very fast speed in the computer. Its speed can not be compared with any other programming language written program.

C में लिखे प्रोग्राम कम्प्यूटर में बहुत ही तीव्र गति से execute होते हैं। इसकी गति की तुलना किसी और प्रोग्रामिंग भाषा लिखे प्रोग्राम से नहीं की जा सकती हैं।

Rich Library Functions

There are a large number of library functions available to perform various tasks in C. Using them we can create programs in very short time and there are no mistakes.

C में विभिन्न कार्यों को करने के लिए बहुत अधिक संख्या में library functions उपलब्ध हैं। इनके प्रयोग से प्रोग्राम बनाने में बहुत कम समय लगता है और गलतियां भी नहीं होती हैं।

Rich Operator Set

There are also a large number of operators available for various types of processing on data in C. With these help, writing a program is very easy.

C में data पर विभिन्न प्रकार की प्रोसेसिंग के लिए बहुत अधिक संख्या में operators भी उपलब्ध हैं। इनकी सहायता से प्रोग्राम लिखना बहुत आसान हो जाता हैं।

Pointers

In C-language we can keep the memory address (reference) of any variable through the pointer and with its help we can access its value.

C-Language में हम pointer के द्वारा किसी variable के memory address (reference) को रख सकते हैं और इसकी सहायता से उसकी value तक पहुंच सकते हैं।

Bit Manipulation

In C, we can also process data at the lowest value bit (0,1). It is called bit manipulation.

C में हम data के lowest value bit (0,1) पर भी प्रोसेसिंग कर सकते हैं। इसे bit manipulation कहा जाता है।

Recursion

A function in C can also call itself. This is called recursion.

C में कोई function स्वयं को भी call कर सकता है। इसे recursion कहा जाता हैं।

Basic Sequential logic example programs in C

  1. Sum of two entered numbers
  2. Average of three entered numbers
  3. Simple interest
  4. Total and Percent
  5. Swapping values of two variables
  6. Swapping without using third variable
  7. Celsius to Fahrenheit conversion
  8. Find area and circumference of circle
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Function Call by value and reference in C in Hindi

What is Function Call by value and reference in C in Hindi

Function के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Functions in C

जब हम main program में किसी function को call करते हैं तो उसमें arguments pass करते हैं। arguments के रूप में हम सामान्यतः variables के नाम को pass करते हैं। इसे function call by value कहा जाता है क्योंकि variables का नाम लिख कर call करने पर इनकी value pass होती हैं। किन्तु function को variable के address देकर भी call किया जा सकता हैं जिसे call by reference कहते हैं। चूँकि call by reference में variable का address दिया जाता हैं इसलिए function के द्वारा variable के मान में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने पर variable की original value भी परिवर्तित हो जाती हैं। इस प्रकार function call by value and में by reference निम्नलिखित अंतर होता है—

Pointer to Function के बारे में जानने के लिए देखें—Pointer to function

Difference between function call by value and call by reference in C in Hindi
Fig. Difference between function call by value and call by reference

Recursion क्या होता है जानने के लिए देखें—Recursion in C

Function example programs in C

  1. Sum of two numbers using function
  2. Average of three numbers using function
  3. Swapping using function call by value
  4. Swapping using function call by reference
  5. Passing array as function argument
  6. Passing structure as function argument
  7. Pointer to Function
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File Handling Input Output Functions in C in Hindi

File Handling and File Input Output Functions in C in Hindi

C-language में File Handling के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Introduction to File

C-Language में File पर डेटा Read/Write करने के लिए निम्नलिखित Functions होते है—

File Handling Input Output Functions in C in Hindi

fgetc()

इस function का प्रयोग file से एक बार में एक character read करने के लिए किया जाता हैं। Example: ch=fgetc(fp);

File Handling Operations के बारे में जानने के लिए देखें—File Handling Operations in C

fputc()

इस function का प्रयोग file में एक बार में एक character write करने के लिए किया जाता हैं। Example: fputc(ch,fp);

fgets()

इस function का प्रयोग file से एक बार में एक string read करने के लिए किया जाता हैं। Example: fgets(str,80,fp);

File को Open और Close करने की विधि जानने के लिए देखें—Opening and Closing of File

fputs()

इस function का प्रयोग file में एक बार में एक string write करने के लिए किया जाता हैं। Example: fputs(str,fp);

getw()

इस function का प्रयोग file से एक बार में एक integer read करने के लिए किया जाता हैं। Example: num=getw(fp);

विभिन्न प्रकार के File Handling Modes के बारे में जानने के लिए देखें—File Opening Modes

putw()

इस function का प्रयोग file में एक बार में एक integer write करने के लिए किया जाता हैं। Example: putw(num,fp);

fscanf()

इस function का प्रयोग file से एक बार में एक या एक से अधिक data(char, int, float, string) को read करने के लिए किया जाता है। Example: fscanf(fp,”%c%d%f%s”,&c,&i,&f,&s);

fprintf()

इस function का प्रयोग file में एक बार में एक या एक से अधिक data(char, int, float, string) को write करने के लिए किया जाता है। Example: fprintf(fp,”%c%d%f%s”,c,i,f,s);

File Handling Functions के बारे में जानने के लिए देखें—File Input Output Functions

fread()

fread() का प्रयोग file से binary mode में data को read करने के लिए किया जाता है। यह function file से एक बार में n byte data के n block को read करता है। यहाँ block का अर्थ structure variable से है जिसमें किसी entity का पूरा record होता है। Example: fread(&s,sizeof(s),1,fp);

fwrite()

fwrite() का प्रयोग file में binary mode में data को write करने के लिए किया जाता है। यह function एक बार में n byte data के n block को फाइल में write करता है। यहाँ block का अर्थ structure variable से है जिसमें किसी entity का पूरा record होता है। Example: fwrite(&s,sizeof(s),1,fp);

File example programs in C

  1. Writing to a file in C
  2. Reading from a file in C
  3. Appending to a file in C
  4. Reading all data from a file in C
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