Micro, Mini, Mainframe and Super Computers in Hindi

Introduction to Micro, Mini, Mainframe and Super Computers in Hindi

Micro Computer

Micro Computer उन कम्प्यूटरों को कहा जाता है जिसमें एक Microprocessor लगा होता है। इन Computer पर सामान्यतः एक ही व्यक्ति कार्य कर सकता हैं इसलिए इसे Personal Computer (PC) भी कहा जाता है। इनके अंतर्गत डेस्कटाप, लैपटाप, टेबलेट, स्मार्टफोन आते है जिनकी कीमत 5 हजार से 2 लाख तक होती है। ये आकार व क्षमता में सबसे छोटे कम्प्यूटर होते है तथा सभी प्रकार के सामान्य कार्य करने में सक्षम होते है। इसका प्रयोग घर, व्यापार, स्कूल, कालेज, आफिस में किया जाता है। वर्तमान में प्रचलित माईक्रो कम्प्यूटर है—HP Pavilion, HP Slimline, HP Notebook, HP Compaq, Dell Inspiron, Dell Optiplex, Apple MacBook, Apple iMac  आदि। माईक्रो कम्प्यूटर को और अधिक जानने के लिए देखे—Personal Computer (PC)

Personal Micro Computer in Hindi
Fig. Micro or Personal Computer (PC)

Mini Computer

Mini Computer कम्प्यूटर माइक्रो कम्प्यूटर की तुलना में अधिक गति एवं क्षमता वाले कम्प्यूटर होते है। इनका आकार और कीमत भी माइक्रो कम्प्यूटर से अधिक होता है। इसी कारण इसे हम अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए नहीं खरीद सकते है। इन्हें सामान्यतः छोटी और माध्यम स्तर की कंपनियो के द्वारा खरीदा जाता है। मिनी कंप्यूटर्स में एक से अधिक C.P.U. लगे होते है तथा इस पर एक साथ एक से अधिक व्यक्ति कार्य कर सकते है। इन कंप्यूटर्स की स्पीड माइक्रो कम्प्यूटर से अधिक लेकिन मेनफ्रेम कम्प्यूटर से कम होती है। मिनी कम्प्यूटर्स का प्रयोग कंपनियों में वित्तिय खातों का रखरखाव, वेतनपत्र निर्माण, खरीद-बिक्री का हिसाब, लाभ-हानि की गणना आदि कार्यो के लिए किया जाता है।

Mainframe Computer

Mainframe Computer मिनी कम्प्यूटर की तुलना में अधिक गति व क्षमता वाले Computer होते हैं| ये Computer आकार में बहुत बड़े होते है तथा इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है। इनका उपयोग बड़ी कंपनियों, बैंक, रेल्वे, सरकारी विभाग द्वारा किया जाता हैं जहाँ बहुत अधिक मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने की जरूरत पड़ती है| इन कम्प्यूटरों में बहुत सारे सीपीयू एकसाथ लगे होते है तथा कई उपयोगकर्ता एक साथ कार्य कर सकते है। ये संस्थान के लिए एक केन्द्रीय कम्प्यूटर के रूप में चौबीसों घंटे कार्य करने की क्षमता रखते है। मेनफ्रेम कम्प्यूटर्स का प्रयोग कंपनियों में वित्तिय खातों का रखरखाव, वेतनपत्र निर्माण, खरीद-बिक्री का हिसाब, लाभ-हानि की गणना, टैक्स की गणना, उत्पादन एवं लागत विश्लेष आदि कार्यो के लिए किया जाता है।

Super Computer

सुपर कम्प्यूटर सबसे शक्तिशाली कम्प्यूटर होते है। ये सर्वाधिक गति व क्षमता वाले Computer हैं| साथ ही ये  सबसे महँगे होते है व आकार में बहुत ही बड़े होते हैं| इसमें हजारो CPU समांतर क्रम में लगे होते है तथा हजारो व्यक्ति एक साथ कार्य कर सकते है| सुपर कम्प्यूटर्स का प्रयोग बड़े वैज्ञानिक और शोध प्रयोगशालाओ में शोध कार्यो में होता है। अंतरिक्ष यात्रा के लिए यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना, मौसम की भविष्यवाणी करना, अंतरिक्ष अन्वेषण, पेट्रोलियम पदार्थ की खोज, उच्च गुणवत्ता के एनीमेशन का निर्माण करने में इनका प्रयोग होता है। इन सभी कार्यो में बहुत अधिक मात्रा में तेजी से डेटा को प्रोसेस करना होता है जो केवल सुपर कम्प्यूटर ही कर सकता है। वर्तमान में दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपर कम्प्यूटर Sunway taihulight है जिसे चीन ने बनाया है।

I-Facts (Interesting facts about Micro, Mini, Mainframe and Super Computers)

  1. Altair-8800 दुनिया का सबसे पहला माइक्रो कम्प्यूटर था जिसे अमेरिकी कंपनी Micro Instrumentation and Telemetry Systems (MITS) ने बनाया था। इसमें Intel 8080 प्रोसेसर का प्रयोग किया गया था।
  2. Programmed Data Processor-8 (PDP-8) दुनिया का सबसे पहला मिनी कम्प्यूटर था जिसे अमेरिकी कंपनी Digital Equipment Corporation (DEC) ने बनाया था।
  3. दुनिया में सर्वप्रथम मैनफ्रेम कम्प्यूटर बनाने का श्रेय IBM (International Business Machine) को दिया जाता है।
  4. Cray K-1 दुनिया का सबसे पहला सुपर कम्प्यूटर था जिसे सुपर कम्प्यूटर बनाने वाली अमेरिकी Cray Research Company ने सन् 1979 में बनाया था।
  5. भारत में सबसे पहला कम्प्यूटर सन् 1967 में Electronic Corporation of India के द्वारा बनाया गया था जिसका नाम Siddharth था।
  6. भारत का पहला सुपर कम्प्यूटर PARAM-8000 है जिसे सन् 1991 में Center For Development of Advance Computing (C-DAC) पुणे के द्वारा बनाया गया और बाद में सन् 1998 में इसका विकसित रूप PARAM-10000 भी तैयार कर लिया गया।
  7. सामान्य कम्प्यूटर की गति को Million Instructions Per Second (MIPS) में मापा जाता है जबकि सुपर कम्पयूटरों की गति को Floating Point Operations Per Second (FLOPS) में मापा जाता है।
  8. मैनफ्रेम कम्प्यूटर और सुपर कम्प्यूटर में मुख्य अंतर यह होता है कि मैनफ्रेम कम्प्यूटर सामान्यतः एक सर्वर के रूप में विभिन्न प्रकार के कार्यो को करता है जबकि सुपर कम्प्यूटर किसी विशेष प्रकार के कार्य जैसे—बड़ी मात्रा में Floating Point Operations करता है।
  9. सुपर कम्प्यूटर में सामान्यतः Linux या Linux Type आपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाता है जबकि मैनफ्रेम कम्प्यूटर एक ही समय में विभिन्न प्रकार के आपरेटिंग सिस्टस को रन करते है।
  10. कम्प्यूटर के Organization की जानकारी के लिए देखें—Organization of Computer
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General Purpose and Special Purpose Computer in Hindi

Introduction to General Purpose and Special Purpose Computer in Hindi

Computer को उद्देश्य के आधार पर निम्नलिखित दो भागो में Special Purpose और General Purpose में वर्गीकृत किया गया हैं—

General Purpose Computer

General Purpose Computer ऐसे Computer होते है जिन्हें सामान्य उद्देश्य के लिये तैयार किया जाता है। इनके CPU में सभी प्रकार के सामान्य उद्देशीय कार्यो को पूरा करने की क्षमता होती है| इनका प्रयोग पत्र लिखने, दस्तावेज बनाने, दस्तावेज को प्रिंट करने, बिल, रिपोर्ट, लेखांकन, मनोरंजन, इंटरनेट, ई-मेल आदि के लिए किया जाता हैं| इनका प्रयोग घर, दुकान, स्कूल, कालेज, आफिस, रेलवे, बैंक आदि सभी स्थानों पर किया जाता है।

Special Purpose Computer

Special Purpose Computer ऐसे Computer होते है जिन्हें किसी विशेष कार्य के लिये तैयार किया जाता है। इनके CPU में केवल उस विशेष कार्य को पूरा करने की क्षमता होती है जिसके लिए इसे बनाया गया है| जैसे- अन्तरिक्ष विज्ञान, मौसम विज्ञान, उपग्रह संचालन, अनुसंधान एवं शोध, यातायात नियंत्रण, कृषि विज्ञान, चिकित्सा आदि| इन कम्प्यूटरों में इनके कार्य के अनुसार विशेष प्रकार के हार्डवेयर का प्रयोग किया जाता है।

Difference between General Purpose and Special Purpose Computers

General Purpose और Special Purpose Computers में मुख्य अंतर यह है कि General Purpose Computer बहुत सारे कार्यो को करने के लिए बानाए जाते है जबकि Special Purpose Computer किसी विशेष कार्य को ही करने के लिए बनाए जाते है। यद्यपि General Purpose Computer बहुत सारे कार्यो को करने के लिए बनाए गए है किन्तु ये केवल सामान्य उद्देशीय कार्यो को ही कर सकते है। जबकि Special Purpose Computer किसी कार्य विशेष को करने के लिए बनाए जाते है और इसमें विशेष प्रकार के हार्डवेयर का प्रयोग किया जाता है। सामान्यतः डिजिटल कम्प्यूटर General Purpose Computer के अंतर्गत आते है जबकि Analog एवं Hybrid कम्प्यूटर Special Purpose Computer के अंतर्गत आते है। इन दोनो प्रकार के कम्प्यूटरों के मध्य के अंतर को निम्नलिखित टेबल से समझा जा सकता है—

Difference between General Purpose and Special Purpose Computer in Hindi
Fig. Difference between General Purpose and Special Purpose Computer in Hindi

I-Facts (Interesting facts about General Purpose and Special Purpose Computers)

  1. सामान्यतः डिजिटल कम्प्यूटर General Purpose Computer के अंतर्गत आते है जबकि Analog एवं Hybrid कम्प्यूटर Special Purpose Computer के अंतर्गत आते है। Analog, Digital व Hybrid Computers के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Analog Digital and Hybrid Computer
  2. सामान्यतः माईक्रो कम्प्यूटर General Purpose Computer के अंतर्गत आते है जबकि सुपर कम्प्यूटर Special Purpose Computer के अंतर्गत आते है। माईक्रो एवं सुपर कम्प्यूटरों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखें—Micro, Mini, Mainframe and Super Computer
  3. ENIAC – Electronic Numerical Integrator and Calculator दुनिया का सबसे पहला General Purpose Fully Electronic Digital कम्प्यूटर था जिसमें प्रोग्राम स्थायी रूप से स्टोर होते थे। इसका निर्माण J.P. Eckert और John Mouchly ने मिलकर किया था। कम्प्यूटर के इतिहास को और अधिक जानने के लिए यह पोस्ट देखे—History and Development of Computer
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Analog, Digital and Hybrid Computers in Hindi

Introduction to Analog, Digital and Hybrid Computers in Hindi

कार्यप्रणाली के आधार पर या उसमें प्रयुक्त प्रौद्योगिकी के आधार पर कम्प्यूटरों को निम्नलिखित तीन प्रकारों Analog, Digital, and Hybrid में वर्गीकृत किया गया हैं—

Analog Computer

Analog Computer वे Computer होते है जो भौतिक मात्राओ को मापते है। ये ताप, दाब, गति, लम्बाई, चौड़ाई आदि को मापकर उनके परिमाप को व्यक्त करते है। इनमें भौतिक मात्राओं के मापन का कार्य तुलना के आधार पर किया जाता है। इनका प्रयोग मुख्यत: विज्ञान, चिकित्सा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में किया जाता है क्योकि इन क्षेत्रो में भौतिक मात्राओ का अधिक उपयोग होता हैं। थर्मामीटर, स्पीडोमीटर, घड़ी आदि एनालाग कम्प्यूटर के उदाहरण है।

Digital Computer

Digital Computer वे Computer होते है जो अंको की गणना करते है। इसमें सभी प्रकार के इनपुट व आउटपुट अंको के रूप में होता है जो Machine या Binary Code (0, 1) कहलाता है। Digital Computer सर्वाधिक प्रयोग में आने वाले कम्प्यूटर है। इनका प्रयोग घर, दुकान, स्कूल, कालेज, आफिस, रेलवे, बैंक आदि सभी स्थानों पर किया जाता है। डेस्कटाप, लैपटाप, टेबलेट, स्मार्टफोन, कैल्कुलेटर, डिजिटल घड़ी आदि डिजिटल कम्प्यूटर के उदाहरण है।

Hybrid Computer

Hybrid Computer वे Computer होते है जिनमें एनालाग और डिजिटल दोनों कम्प्यूटर की विशेषताएँ होती है। अर्थात् ये कम्प्यूटर भौतिक मात्राओं को मापने के साथ-साथ अंको की गणना करने में भी सक्षम होते है। उदाहरण के लिए किसी अस्पताल में लगा कम्प्यूटर हाईब्रिड कम्प्यूटर होता है जो मरीज के तापमान, ब्लड प्रेशर, धड़कन, आदि को मापकर अंको में व्यक्त करता है। इसी प्रकार पेट्रोल पम्प में लगा मशीन भी एक हाईब्रिड कम्प्यूटर होता हैं जिसका एनालाग भाग पेट्रोल की मात्रा को मापता है और डिजिटल भाग इसे अंको में प्रदर्शित कर मूल्य की गणना करता है।

Difference Between Analog and Digital Computers

Analog और Digital कम्प्यूटरों में मुख्य अंतर उनकी Technology व Mechanism का है। एक ओर जहाँ एनालाग कम्प्यूटर का कार्य भौतिक मात्राओं को मापना और उसकी माप को हमें सूचित करना होता है वहीं दूसरी ओर डिजिटल कम्प्यूटर का कार्य विभिन्न प्रकार के आंकिक व तार्किक गणनाओं को करना होता है। डिजिटल कम्प्यूटर घरों, कार्यालयों, दुकानों आदि में सभी प्रकार के सामान्य उद्देशीय कार्यो को करने के लिए प्रयोग में लाए जाते है जबकि एनालाग कम्प्यूटर सामान्यतः विज्ञान और इंजीनियरिंग से संबंधित विशेष कार्यो को करते है। Analog और Digital कम्प्यूटर के मध्य एक अन्य महत्वपूर्ण अंतर यह है कि एनालाग कम्प्यूटर कभी भी पूर्णतः शुद्ध परिणाम नहीं देता है। यह सदैव तुलनात्मक परिणाम देता है जो शुद्धता के करीब होता है जबकि डिजिटल कम्प्यूटर सदैव शत् प्रतिशत् शुद्ध परिणाम देता है। इन दोनों प्रकार के कम्प्यूटरों के मध्य अंतर को हम निम्नलिखित टेबल से अच्छे से समझ सकते है—

Difference between Analog and Digital Computer in Hindi
Fig. Difference between Analog and Digital Computer in Hindi

I-Facts (Interesting Facts about Analog, Digital and Hybrid Computers)

  1. Atanasoff Berry Computer जिसे संक्षिप्त में ABC कहा जाता है यह दुनिया का सबसे पहला Electronic Digital Computer है। इसका निर्माण Atanasoff और Cliford Berry दोनो ने मिलकर किया था।
  2. ENIAC – Electronic Numerical Integrator and Calculator दुनिया का सबसे पहला General Purpose Fully Electronic Digital कम्प्यूटर था जिसमें प्रोग्राम स्थायी रूप से स्टोर होते थे। इसका निर्माण J.P. Eckert और John Mouchly ने मिलकर किया था।
  3. हम अपने दैनिक जीवन में जिस कम्प्यूटर का प्रयोग करते है वह सामान्तः एक Digital Computer होता है जिसे Micro Computer या Personal Computer भी कहा जाता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Personal Computer (PC)
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Classification and Types of Computer in Hindi

Classification of Different Types of Computer in Hindi

वर्तमान में दुनिया के लगभग सभी प्रकार के कार्य कम्प्यूटर की सहायता से होने लगे है। छोटी बड़ी सभी प्रकार की मशीनें भी कम्प्यूटर से संचालित होन लगी है। किन्तु इतने सारे कार्यो और मशीनों को एक ही कम्प्यूटर संचालित कर सके यह संभव नहीं है। अतः इन सभी प्रकार के कार्यो को करने एवं मशीनों को चलाने के लिए कम्प्यूटर भी तरह-तरह के उपलब्ध है। हम इन सभी तरह के कम्प्यूटरों को मुख्यत: निम्नलिखित तीन आधारों पर वर्गीकृत कर सकते है—

  1. Based on Mechanism – Analog, Digital and Hybrid Computers. इनके बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Analog Digital and Hybrid Computer
  2. Based on Purpose – General Purpose and Special Purpose Computers.
    इनके बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे— General Purpose and Special Purpose Computer
  3. Based on Size – Micro, Mini, Mainframe and Super Computers.
    इनके बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे— Micro, Mini, Mainframe and Super Computer
Classification and Types of Computer
Fig. Classification and Types of Computer

I-Facts (Interesting Facts Related to Different Types of Computers)

  1. Altair-8800 दुनिया का सबसे पहला माइक्रो कम्प्यूटर था जिसे अमेरिकी कंपनी Micro Instrumentation and Telemetry Systems (MITS) ने बनाया था। इसमें Intel 8080 प्रोसेसर का प्रयोग किया गया था।
  2. Apple – II दुनिया का सबसे पहला व्यावसायिक माइक्रो कम्प्यूटर था।
  3. Programmed Data Processor-8 (PDP-8) दुनिया का सबसे पहला मिनी कम्प्यूटर था जिसे अमेरिकी कंपनी Digital Equipment Corporation (DEC) ने बनाया था।
  4. Cray K-1 दुनिया का सबसे पहला सुपर कम्प्यूटर था जिसे सुपर कम्प्यूटर बनाने वाली अमेरिकी Cray Research Company ने सन् 1979 में बनाया था।
  5. Cray Research Company के संस्थापक Seymour Cray है जिन्हें Father of Supercomputer भी कहा जाता है।
  6. भारत का पहला सुपर कम्प्यूटर PARAM-8000 है जिसे सन् 1991 में Center For Development of Advance Computing (C-DAC) पुणे के द्वारा बनाया गया और बाद में सन् 1998 में इसका विकसित रूप PARAM-10000 भी तैयार कर लिया गया।
  7. PARAM-8000 के निर्माण का श्रेय C-DAC के तत्कालीन निर्देशक Vijay P. Bhatkar को जाता है उन्होने ही भारत में सुपर कम्प्यूटर की शुरूआत की।
  8. PARAM से पहले भी भारत में Flosolver नाम से सुपर कम्प्यूटर National Aeronautical Lab (NAL), Bangaluru के द्वारा सन् 1980 में बनाया गया था।
  9. भारत में Anupam Series के सुपर कम्प्यूटर का विकास Bhabha Atomic Research Center (BARC), Mumbai के द्वारा किया गया है।
  10. भारत में PACE Series (Processor for Aerodynamic Computation and Evolution) के कम्प्यूटर का विकास ANURAG (Advanced Numerical Research and Analysis Group), Hyderabad के द्वारा Defence Research Development and Organization (DRDO), Delhi के लिए किया गया है।
  11. वर्तमान में दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपर कम्प्यूटर Sunway taihulight है जिसे चीन ने सन् 2016 में बनाया है। इसकी गति 93.01 PFLOPS है।
  12. वर्तमान में भारत का सबसे शक्तिशाली सुपर कम्प्यूटर PARAM YUVA-II है जिसे C-DAC ने सन् 2013 में बनाया है। इसकी गति 524 TFLOPS है।
  13. C-DOT (Center for Development of Telematics) भारत सरकार के द्वारा स्थापित Telecommunication और Technology विकास केन्द्र है। इसका मुख्यालय दिल्ली में है।
  14. कम्प्यूटर के इतिहास के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—History and Development of Computer
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Basic Organization of Computer System in Hindi

Organization of Computer System in Hindi

कम्प्यूटर का निर्माण बहुत सारे units व devices से मिलकर होता है जो कम्प्यूटर के elements या components कहलाते है। ये सारे units व devices साथ मिलकर कार्य करते है इसीलिए कम्प्यूटर को कम्प्यूटर सिस्टम भी कहा जाता है। इसकी संरचना में निम्नलिखित units शामिल होते है—

  1. Input Unit – Keyboard & Mouse
  2. System Unit / Central Processing Unit (CPU)
    1. Arithmetic and Logic Unit (ALU)
    2. Memory Unit – RAM
    3. Control Unit (CU)
  3. Output Unit – Monitor & Printer
Block Diagram of Computer System in Hindi
Fig. Block Diagram of Computer System

Input Unit

Input Unit वे Device होते है जिनके द्वारा हम अपने डाटा या निर्देशों को Computer में इनपुट कराते हैं| Computer में बहुत सारे Input Device होते है जो Computer के मस्तिष्क अर्थात् CPU को निर्देशित करते है कि वह क्या करे? Keyboard और Mouse कम्प्यूटर के दो सबसे जरूरी इनपुट डिवाईस होते है। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण Input Device निम्नलिखित है– Joystick, Trackball, Touch screen आदि। इनपुट डेिवाईसों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Input Devices and its Types. इनपुट डिवाईस मुख्यतः निम्नलिखित कार्य करते है—

  1. यूजर द्वारा इनपुट किए गए डेटा को स्वीकार करते है।
  2. डेटा को हमारी भाषा (English) से कम्यूटर के समझने योग्य भाषा (Machine/Binary) में परिवर्तित करते है।
  3. बाईनरी डेटा को प्रोसेसिंग के लिए System Unit में भेजते है।

System Unit

System Unit को CPU अर्थात् Central Processing Unit भी कहते है| इसका हिंदी नाम केन्द्रीय संसाधन इकाई होता हैं| यह Computer का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं| इसके बिना Computer सिस्टम पूर्ण नहीं हो सकता है। इससे कम्प्यूटर के सभी Devices जुड़े हुए रहते है जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor, Printer आदि| इसे Computer का मस्तिष्क (Brain) भी कहते है| इसका मुख्य कार्य प्रोग्राम (Programs) को क्रियान्वित (Execute) करना तथा डेटा (Data) को Process करना होता है। इसके अलावा CPU Computer के सभी भागो जैसे- Memory, Input, Output Devices के कार्यों को भी नियंत्रित करता हैं| CPU के तीन भाग होते है–

Arithmetic and Logic Unit (ALU)

ALU का पूरा नाम Arithmetic Logic Unit होता है। यह यूनिट डाटा पर अंकगणितीय क्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) और तार्किक क्रियायें (तुलना व निर्णय लेना) करती हैं| ALU Control Unit से निर्देश लेता हैं| यह मेमोरी से डाटा को प्राप्त करता है तथा Processing के पश्चात सूचना को मेमोरी में लौटा देता हैं| ALU के कार्य करने की गति (Speed) अति तीव्र होती हैं| यह लगभग दस लाख गणनाये प्रति सेकंड (Per Second) की गति से करता हैं| इसमें ऐसा इलेक्ट्रॉनिक परिपथ होता है जो बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic) की गणनाएँ करने में सक्षम होता हैं|

Main Memory Unit (RAM – Random Access Memory)

यह Input Device के द्वारा प्राप्त डेटा व निर्देशों को Computer में संग्रहण (Store) करके रखता है इसे Computer की स्मृति भी कहा जाता है| दूसरे शब्दों में Computer का वह स्थान जहाँ सभी सूचनाओ, आकड़ों व निर्देशों को Store करके रखा जाता है मेमोरी कहलाता हैं| इसका मुख्य कार्य वर्तामान में Execute हो रहे निर्देशों व Process हो रहे डेटा को स्टोर करना होता है। यह मेमोरी CPU का अभिन्न अंग होता है। इसे Computer की मुख्य मेमोरी (Main memory), आंतरिक मेमोरी (Internal Memory), या प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) भी कहते हैं|मेमोरी के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Memory / Storage Devices and its Types

Control Unit (CU)

CU का पूरा नाम Control Unit होता हैं| CU कम्प्यूटर के सभी हार्डवेयर की क्रियाओ को नियंत्रित और संचालित करता हैं| यह Input, Output क्रियाओ को नियंत्रित (Control) करता है साथ ही Memory और ALU के मध्य डाटा के आदान प्रदान को निर्देशित करता है। यह प्रोग्राम (Program) को क्रियान्वित करने के लिये निर्देशों को मेमोरी से प्राप्त करता हैं| इसका मुख्य कार्य मेमोरी से क्रमानुसार निर्देशों को प्राप्त करना, उसे Interpret करना व विद्युत संकेतों (Electric Signals) में परिवर्तित करके उचित Devices तक पहुँचाना होता हैं|

Output Unit

Output Unit वे Device होते है जो User द्वारा इनपुट किये गए डाटा को Result के रूप में प्रदान करते हैं | Computer में बहुत सारे Output Device होते है जो इनपुट किए गए डेटा व प्रोसेसिंग के परिणामों को हमारे लिए प्रस्तुत करते है। Monitor और Printer दो सबसे जरूरी आउटपुट डिवाईस होते है। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण Output Device निम्नलिखित है– Speaker, Projector, Touch screen आदि। आउटपुट डिवाईसों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Output Devices and its Types. आउटपुट डिवाईस मुख्यतः निम्नलिखित कार्य करते है—

  1. सिस्टम यूनिट से प्रोसेसिंग के पश्चात् प्राप्त परिणामों को स्वीकार करते है।
  2. परिणामों को कम्यूटर के समझने योग्य भाषा (Machine/Binary) से हमारी भाषा (English) में परिवर्तित करते है।
  3. हमारे लिए परिणामों को स्क्रीन पर दिखाते है या कागज पर छापकर प्रदर्शित करते है।

I-Facts (Interesting Facts about Computer Architecture and Organization)

  1. Computer Architecture शब्द कम्प्यूटर absctract या conceptual model को प्रदर्शित करता है। यह बताता है कि कम्प्यूटर क्या-क्या कार्य कर सकता है।
  2. Computer Organization शब्द कम्प्यूटर आर्किटेक्चर के realization को प्रदर्शित करता है। यह बताता है कि कम्प्यूटर अपने कार्यो को कैसे करता है।
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Introduction and Definition of Computer in Hindi

Introduction, Definition and Meaning of word ‘Computer’ in Hindi

Computer Notes in Hindi

Computer शब्द Compute शब्द से बना है जिसका अर्थ है—गणना करना। किन्तु वास्तव में कम्प्यूटर आज एक गणना (Calculation) करने वाली मशीन न होकर एक संगणना (Processing) करने वाली मशीन के रूप में जाना जाता है। अर्थात् यह सभी प्रकार के गणना व तुलना तो कर ही सकता है साथ ही सभी प्रकार के संगणना जैसे—Letter, Document, Worksheet, Data Entry, Report, Graphics, Animation बनाने का कार्य भी कर सकता है।

Parts of Computer System
Fig. Parts of Computer System

वर्तमान में कम्प्यूटर को नेटवर्क से कनेक्ट करके Online Shopping, Bill Payment, Ticket Booking, Banking आदि कार्य भी घर बैठे ही किए जा सकते है। हममें से ज्यादातर लोग कम्प्यूटर का प्रयोग मुख्यतः डेटा को स्टोर करने, Video Game, Movie, Music चलाने तथा इंटरनेट में Searching, Downloading व Chatting करने के लिए करते है।

Basic parts of Computer in Hindi: Hardware and Software

कम्प्यूटर के मूलभूत रूप से निम्नलिखित दो parts होते है—Hardware और Software

  1. Hardware: कम्प्यूटर के सभी Physical Components जिन्हें देखा व छूआ जा सकता है हार्डवेयर कहलाते है। दूसरें शब्दों में कम्प्यूटर में जितने भी Devices लगे होते है वे ही हार्डवेयर कहलाते है। उदाहरण— CPU, Monitor, Mouse, Keyboard, Printer, Cables etc. हार्डवेयर के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखें—Parts of Personal Computer (PC)
  2. Software:  साफ्टवेयर निर्देशों के समूह को कहते है जिन्हें छूआ नहीं जा सकता है किन्तु मानीटर स्क्रीन पर चलते हुए देखा जा सकता है। उदाहरण— Windows, Android, Word, Excel, Powerpoint, Access etc. साफ्टवेयर के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखें— Software and its Types

I-Facts (Interesting facts related to Computer in Hindi)

  1. Computer शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम सन् 1613 में एक अंग्रेज Richard Braithwait ने अपनी पुस्तक The Young Mans Gleanings में किया था।
  2. दुनिया भर में प्रतिवर्ष 2 दिसम्बर के दिन को कम्प्यूटर साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरूआत NIIT भारत के द्वारा अपने 20 वीं स्थापना दिवस के अवसर पर सन् 2001 में किया गया था।
  3. हार्डवेयर को कम्प्यूटर का शरीर तो साफ्टवोयर को इसकी आत्मा कहा जाता है या हार्डवेयर को कम्प्यूटर का इंजन तो साफ्टवेयर को इसे चलाने वाला इंधन कहते है।
  4. भारत में सबसे पहला कम्प्यूटर भारतीय सांख्यिकीय संस्थान कलकत्ता में सन् 1956 में स्थापित किया गया था जिसका नाम HEC-2M (Hellerith Electronic Computer – 2M) था। इसे इंग्लैण्ड से 10 लाख रूपए में खरीदा गया था।
  5. भारत में सबसे पहला कम्प्यूटर सन् 1967 में Electronic Corporation of India के द्वारा बनाया गया था जिसका नाम Siddharth था।
  6. भारत में कम्प्यूटर का प्रथम प्रयोग 16 अगस्त सन् 1986 को बैंगलोर के डाकघर में किया गया था किन्तु भारत का प्रथम पूर्ण कम्प्यूटरीकृत डाकघर नई दिल्ली है।
  7. भारत का प्रथम कम्प्यूटर साक्षर जिला मलप्पूरम (केरल) है। कम्प्यूटर साक्षर कहने का अर्थ कम्प्यूटर क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता है इसकी जानकारी होना है जिससे हम अपने कार्यो को करने के लिए इसका प्रयोग कर सके।
  8. भारत का प्रथम कम्प्यूटर साक्षर ग्राम मलप्पूरम (केरल) का चमरावत्तम ग्राम है।
  9. भारत का प्रथम पूर्ण कम्प्यूटरीकृत ग्राम थिरूअनन्तपुरम (केरल) का वेलानन्द ग्राम पंचायत है।
  10. विभिन्न श्रोतो से प्राप्त Facts व Figures Data कहलाते है जो प्रोसेसिंग के पश्चात् उपयोगी Information बन जाते है। इस प्रकार Data अव्यवस्थित Facts को कहा जाता है जबकि Information व्यवस्थित Data को कहते है।
  11. Data की प्रोसेसिंग दो प्रकार से होती है—Manual Data Processing (MDP) और Electronic Data Processing (EDP)
  12. GIGO – Garbage In Garbage Out अर्थात् कम्प्यूटर में व्यर्थ का डेटा इनपुट करने पर परिणाम भी व्यर्थ ही प्राप्त होते है।
  13. कम्प्यूटर निर्माण उद्योग में अग्रणी होने के कारण भारत के बैंगलोर शहर को IT City या Silicon Valley of India कहा जाता है। यहा लगभग सभी विश्व स्तरीय IT Companies के कार्यालय स्थित है।
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