Booting Process in MS-Windows 7 in Hindi

Booting Process in MS-Windows 7 in Hindi

कम्प्यूटर को Start एवं Restart करना Booting कहलाता है। बंद पड़े कम्प्यूटर को स्टार्ट करना Cold Booting तथा पहले से चालू कम्प्यूटर को रिस्टार्ट करना Warm Booting कहलाता है। जब हम कम्प्यूटर का पावर बटन आन करते है तो ROM Memory में स्टोर प्रोग्राम BIOS (Basic Input Output System) अपने आप Execute (Run) हो जाता है। यह प्रोग्राम सभी Devices को Check करता है जिसे POST (Power On Self Test) कहते है।

Window 7 आपरेटिंग सिस्टम के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखें—Introduction to MS-Windows 7

यदि सभी डिवाईस ठीक तरह से कार्य कर रहे होते है तो यह  MS-Windows 7 को External Storage Device (Hard Disk) से Internal Memory Device (RAM) में लोड करता है। इस प्रक्रिया को Booting Process कहा जाता है। सफलातापूर्वक Booting हो जाने के बाद Windows 7 एक Welcome मैसेज देता है और हमारा कम्प्यूटर कार्य करने के लिए तैयार हो जाता है। Windows 7 के Booting Process को निम्नलिखित Steps से समझा जा सकता है—

  1. BIOS Initialization: इस चरण में BIOS Firmware कम्प्यूटर सिस्टम से जुड़े हार्डवेयर डिवाइसों की पहचान करता है और उन्हें प्रारंभ करता है।
  2. POST: इस चरण में BIOS आपरेटिंग सिस्टम के लोडिंग के लिए Disk की पहचान करता है तथा MBR को पढ़ता है। इसके बाद Bootmgr.exe को क्रियान्वित करता है जो Winload.exe को खोजने और इसे क्रियान्वित करने का कार्य करता है।
  3. OS Loader: इस चरण में Winload.exe जरूरी System Drivers को लोड करता है और Kernel को क्रियान्वित करता है।
  4. OS Initialization: इस चरण में Windows का Desktop हमारे लिए तैयार हो जाता है और Windows 7 पूरी तरह प्रारंभ हो जाता है।  
Booting Process in MS-Windows 7 in Hindi
Fig. Booting Process

I-Facts (Interesting facts about Windows Booting Process)

  1. Boot Sequence: यह उन Operations का समूह होता है जिन्हें कम्प्यूटर तब Perform करता है जब कम्प्यूटर स्टार्ट होता है।
  2. Bootstrap Loader: यह आपरेटिंग सिस्टम को स्टार्ट करने के लिए आवश्यक अन्य साफ्टवेयर को मेमोरी में लोड करता है।
  3. Warm Reboot के लिए Keyboard Shortcut Ctrl+Alt+Del का प्रयोग किया जाता है।
  4. Master Boot Record (MBR): Hard Disk के सबसे पहले Sector में स्टोर सूचना होता है जो बताता है कि आपरेटिंग सिस्टम डिस्क में कहाँ स्थित है और इसे किस तरह मेमोरी में लोड किया जा सकता है। Master Boot Record को Master Partition Table भी कहा जाता है।
  5. Cold Booting में कम्प्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स ठंडे होते है जबकि Warm Booting में कम्प्यूटर पहले से ही चालू होता है अतः इसके हार्डवेयर पार्ट्स गरम होते है इसीलिए इसका नाम Warm Booting है।
  6. POST – Power On Self Test, BIOS – Basic Input Output System, MBR – Master Boot Records
  7. Windows 7 के नए Features को जानने के लिए यह पोस्ट देखें—New Features of Windows 7
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