History and Versions of Windows in Hindi

Introduction to History and Important Versions of Windows in Hindi

Microsoft ने सन् 1981 में एक प्रोजेक्ट पर कार्य करना प्रारंभ किया जिसका नाम Interface Manager रखा गया। इसके बाद सन् 1983 में इसकी घोषणा की और बताया कि कम्पनी जल्द ही GUI आपरेटिंग सिस्टम बाजार में लायेगी और सन् 1985 में Windows 1.0 को रिलिज किया जो Windows का सबसे पहला Version था। अपनी शुरूआत से ही Windows कम्प्यूटर उपयोगकर्ताओं के बीच बहुत लोकप्रिय हो गया जिसका मुख्य कारण इसका User Friendly होना था। इसकी लोकप्रियता इसके नए Versions के साथ बढ़ती ही गयी और Windows दुनिया का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाले आपरेटिंग सिस्टम बन गया। Windows के बारे में अधिक जानने के लिए देखें—Introduction to MS-Windows. समय-समय पर रिलिज हुए इसके प्रसिद्ध Versions निम्नलिखित है—

History and Versions of Windows in Hindi
Fig. Versions of Windows

I-Facts (Interesting facts about History and Versions of Windows and GUI)

  1. GUI – Graphical User Interface का सर्वप्रथम प्रयोग Xerox Corporation नामक कंपनी के द्वारा Xerox Star नामक कम्प्यूटर में किया गया था। इस कम्प्यूटर का निर्माण करने वाली अनुसंधान समूह के अध्यक्ष माउस के अविष्कारक Douglas Engelbart थे।
  2. GUI में सभी कार्य से संबंधित Commands को Graphics के रूप में दिखाया जाता है जिन पर Mouse से क्लिक करने हम उस Command को Run कर सकते है।
  3. Windows आपरेटिंग सिस्टम के पहले Version 1.0 को Interface Manager के नाम से भी जाना जाता है।
  4. Windows के आधुनिक Versions 32 bit व 64 bit दोनों में उपलब्ध है साथ ही इन Versions के विभिन्न Flavors जैसे— Home, Professional, Enterprise, Ultimate आदि भी होते है।
  5. Windows आपरेटिंग सिस्टम में Windows Shell नामक Graphical User Interface का प्रयोग किया जाता है जिसमें Desktop, Taskbar, Start Menu आदि elements होते है। Windows की महत्वपूर्ण विशेषताएँ जानने के लिए देखें—New Features of Windows 7
  6. Windows NT कम्प्यूटर नेटवर्क में प्रयोग के लिए बनाया गया Multiuser व Timesharing आपरेटिंग सिस्टम है जिसे Network Operating System (NOS) भी कहा जाता है।
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Introduction to MS-Windows Notes in Hindi

Introduction to MS-Windows in Hindi

MS-Windows साफ्टवेयर बनाने वाली विश्व की सबसे बड़ी कम्पनी Microsoft के द्वारा बनाया गया एक Operating System Software है। इसमें सारे प्रोग्राम Run होते समय एक आयताकार खिड़की (Window) के रूप में खुलते है इसी कारण इस आपरेटिंग सिस्टम का नाम Windows रखा गया है। Windows एक GUI (Graphical User Interface) पर आधारित साफ्टवेयर है जिसमें सभी कार्य से संबंधित Commands को Graphics के रूप में दिखाया जाता है जिन पर Mouse से क्लिक करने हम उस Command को Run कर सकते है।

इससे पहले आपरेटिंग सिस्टम के रुप में DOS (Disk Operating System) का प्रयोग किया जाता था जो CLI (Command Line Interface) पर आधारित साफ्टवेयर था। इसमें कोई भी कार्य करने के लिए उससे संबंधित Command को Command Prompt पर Type करके एंटर करना होता था। इसके लिए यूजर को सभी Commands को याद रखने की जरूरत होती थी और उसे सही Spelling के साथ Type करना होता था जो एक कठिन कार्य था। DOS के मुकाबले Windows ने यूजर के लिए कम्प्यूटर पर कार्य को बहुत आसान बना दिया। इसे आसानी से कोई भी यूजर बहुत कम समय में सीख सकता है। यही कारण है कि इसे User-friendly Operating System भी कहा जाता है। Windows की महत्वपूर्ण विशेषताएं जानने के लिए देखें—New Features of Windows 7

Windows 7 Logo
Fig. Windows 7 Logo

I-Facts (Interesting facts about MS-Windows Operating System)

  1. Windows आपरेटिंग सिस्टम में सारे प्रोग्राम Run होते समय एक आयताकार खिड़की (Window) के रूप में खुलते है इसी कारण इस आपरेटिंग सिस्टम का नाम Windows रखा गया है।
  2. Windows के पहले Version को सन् 1985 में रिलिज किया गया था जिसका नाम Windows 1.0 था। Windows का इतिहास जानने के लिए देखें—History and Versions of Windows
  3. Interface के आधार पर आपरेटिंग सिस्टम मुख्यतः दो प्रकार के होते है CLI – Command Line Interface और GUI – Graphical User Interface
  4. CLI को CUI – Character User Interface भी कहा जाता है।
  5. Windows के पहले DOS चलता था जिसमें CLI का प्रयोग होता था किन्तु Windows में GUI का प्रयोग होता है।
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Basic Organization of Computer System in Hindi

Organization of Computer System in Hindi

Personal computer (PC) के विभिन्न hardware parts की जानकारी के लिए देखें—Parts of Personal Computer (PC)

कम्प्यूटर का निर्माण बहुत सारे units व devices से मिलकर होता है जो कम्प्यूटर के elements या components कहलाते है। ये सारे units व devices साथ मिलकर कार्य करते है इसीलिए कम्प्यूटर को कम्प्यूटर सिस्टम भी कहा जाता है। इसकी संरचना में निम्नलिखित units शामिल होते है—

  1. Input Unit – Keyboard & Mouse
  2. System Unit / Central Processing Unit (CPU)
    1. Arithmetic and Logic Unit (ALU)
    2. Memory Unit – RAM
    3. Control Unit (CU)
  3. Output Unit – Monitor & Printer
Block Diagram of Computer System in Hindi
Fig. Block Diagram of Computer System

Input Unit

Input Unit वे Device होते है जिनके द्वारा हम अपने डाटा या निर्देशों को Computer में इनपुट कराते हैं। Computer में बहुत सारे Input Device होते है जो Computer के मस्तिष्क अर्थात् CPU को निर्देशित करते है कि वह क्या करे? Keyboard और Mouse कम्प्यूटर के दो सबसे जरूरी इनपुट डिवाईस होते है। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण Input Device निम्नलिखित है– Joystick, Trackball, Touch screen आदि। इनपुट डिवाईस मुख्यतः निम्नलिखित कार्य करते है—

  1. यूजर द्वारा इनपुट किए गए डेटा को स्वीकार करते है।
  2. डेटा को हमारी भाषा (English) से कम्यूटर के समझने योग्य भाषा (Machine/Binary) में परिवर्तित करते है।
  3. बाईनरी डेटा को प्रोसेसिंग के लिए System Unit में भेजते है।

इनपुट डेिवाईसों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Input Devices and its Types.

System Unit

System Unit को CPU अर्थात् Central Processing Unit भी कहते है। इसका हिंदी नाम केन्द्रीय संसाधन इकाई होता हैं। यह Computer का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं। इसके बिना Computer सिस्टम पूर्ण नहीं हो सकता है। इससे कम्प्यूटर के सभी Devices जुड़े हुए रहते है जैसे- Keyboard, Mouse, Monitor, Printer आदि। इसे Computer का मस्तिष्क (Brain) भी कहते है। इसका मुख्य कार्य प्रोग्राम (Programs) को क्रियान्वित (Execute) करना तथा डेटा (Data) को Process करना होता है। इसके अलावा CPU Computer के सभी भागो जैसे- Memory, Input, Output Devices के कार्यों को भी नियंत्रित करता हैं। CPU के तीन भाग होते है–

Arithmetic and Logic Unit (ALU)

ALU का पूरा नाम Arithmetic Logic Unit होता है। यह यूनिट डाटा पर अंकगणितीय क्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) और तार्किक क्रियायें (तुलना व निर्णय लेना) करती हैं। ALU Control Unit से निर्देश लेता हैं। यह मेमोरी से डाटा को प्राप्त करता है तथा Processing के पश्चात सूचना को मेमोरी में लौटा देता हैं। ALU के कार्य करने की गति (Speed) अति तीव्र होती हैं। यह लगभग दस लाख गणनाये प्रति सेकंड (Per Second) की गति से करता हैं। इसमें ऐसा इलेक्ट्रॉनिक परिपथ होता है जो बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic) की गणनाएँ करने में सक्षम होता हैं।

Main Memory Unit (RAM – Random Access Memory)

यह Input Device के द्वारा प्राप्त डेटा व निर्देशों को Computer में संग्रहण (Store) करके रखता है इसे Computer की स्मृति भी कहा जाता है। दूसरे शब्दों में Computer का वह स्थान जहाँ सभी सूचनाओ, आकड़ों व निर्देशों को Store करके रखा जाता है मेमोरी कहलाता हैं। इसका मुख्य कार्य वर्तामान में Execute हो रहे निर्देशों व Process हो रहे डेटा को स्टोर करना होता है। यह मेमोरी CPU का अभिन्न अंग होता है। इसे Computer की मुख्य मेमोरी (Main memory), आंतरिक मेमोरी (Internal Memory), या प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) भी कहते हैं।

मेमोरी के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Memory / Storage Devices and its Types

Control Unit (CU)

CU का पूरा नाम Control Unit होता हैं। CU कम्प्यूटर के सभी हार्डवेयर की क्रियाओ को नियंत्रित और संचालित करता हैं। यह Input, Output क्रियाओ को नियंत्रित (Control) करता है साथ ही Memory और ALU के मध्य डाटा के आदान प्रदान को निर्देशित करता है। यह प्रोग्राम (Program) को क्रियान्वित करने के लिये निर्देशों को मेमोरी से प्राप्त करता हैं। इसका मुख्य कार्य मेमोरी से क्रमानुसार निर्देशों को प्राप्त करना, उसे Interpret करना व विद्युत संकेतों (Electric Signals) में परिवर्तित करके उचित Devices तक पहुँचाना होता हैं।

Output Unit

Output Unit वे Device होते है जो User द्वारा इनपुट किये गए डाटा को Result के रूप में प्रदान करते हैं। Computer में बहुत सारे Output Device होते है जो इनपुट किए गए डेटा व प्रोसेसिंग के परिणामों को हमारे लिए प्रस्तुत करते है। Monitor और Printer दो सबसे जरूरी आउटपुट डिवाईस होते है। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण Output Device निम्नलिखित है– Speaker, Projector, Touch screen आदि। आउटपुट डिवाईस मुख्यतः निम्नलिखित कार्य करते है—

  1. सिस्टम यूनिट से प्रोसेसिंग के पश्चात् प्राप्त परिणामों को स्वीकार करते है।
  2. परिणामों को कम्यूटर के समझने योग्य भाषा (Machine/Binary) से हमारी भाषा (English) में परिवर्तित करते है।
  3. हमारे लिए परिणामों को स्क्रीन पर दिखाते है या कागज पर छापकर प्रदर्शित करते है।

आउटपुट डिवाईसों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखे—Output Devices and its Types.

I-Facts (Interesting Facts about Computer Architecture and Organization)

  1. Computer Architecture शब्द कम्प्यूटर absctract या conceptual model को प्रदर्शित करता है। यह बताता है कि कम्प्यूटर क्या-क्या कार्य कर सकता है।
  2. Computer Organization शब्द कम्प्यूटर आर्किटेक्चर के realization को प्रदर्शित करता है। यह बताता है कि कम्प्यूटर अपने कार्यो को कैसे करता है।
  3. Micro, Mini, Mainframe और Super Computer क्या होते है इनके बारे में विस्तृत जानकारी के लिए हमारा यह पोस्ट देखें—Micro, Mini, Mainframe and Super Computer
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Introduction and Definition of Computer in Hindi

Introduction, Definition and Meaning of word ‘Computer’ in Hindi

Computer Notes in Hindi

Computer शब्द Compute शब्द से बना है जिसका अर्थ है—गणना करना। किन्तु वास्तव में कम्प्यूटर आज एक गणना (Calculation) करने वाली मशीन न होकर एक संगणना (Processing) करने वाली मशीन के रूप में जाना जाता है। अर्थात् यह सभी प्रकार के गणना व तुलना तो कर ही सकता है साथ ही सभी प्रकार के संगणना जैसे—Letter, Document, Worksheet, Data Entry, Report, Graphics, Animation बनाने का कार्य भी कर सकता है।

Parts of Computer System
Fig. Parts of Computer System

वर्तमान में कम्प्यूटर को नेटवर्क से कनेक्ट करके Online Shopping, Bill Payment, Ticket Booking, Banking आदि कार्य भी घर बैठे ही किए जा सकते है। हममें से ज्यादातर लोग कम्प्यूटर का प्रयोग मुख्यतः डेटा को स्टोर करने, Video Game, Movie, Music चलाने तथा इंटरनेट में Searching, Downloading व Chatting करने के लिए करते है।

Basic parts of Computer in Hindi: Hardware and Software

कम्प्यूटर के मूलभूत रूप से निम्नलिखित दो parts होते है—Hardware और Software

  1. Hardware: कम्प्यूटर के सभी Physical Components जिन्हें देखा व छूआ जा सकता है हार्डवेयर कहलाते है। दूसरें शब्दों में कम्प्यूटर में जितने भी Devices लगे होते है वे ही हार्डवेयर कहलाते है। उदाहरण— CPU, Monitor, Mouse, Keyboard, Printer, Cables etc. हार्डवेयर के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखें—Parts of Personal Computer (PC)
  2. Software:  साफ्टवेयर निर्देशों के समूह को कहते है जिन्हें छूआ नहीं जा सकता है किन्तु मानीटर स्क्रीन पर चलते हुए देखा जा सकता है। उदाहरण— Windows, Android, Word, Excel, Powerpoint, Access etc. साफ्टवेयर के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह पोस्ट देखें— Software and its Types

I-Facts (Interesting facts related to Computer in Hindi)

  1. Computer शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम सन् 1613 में एक अंग्रेज Richard Braithwait ने अपनी पुस्तक The Young Mans Gleanings में किया था।
  2. दुनिया भर में प्रतिवर्ष 2 दिसम्बर के दिन को कम्प्यूटर साक्षरता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरूआत NIIT भारत के द्वारा अपने 20 वीं स्थापना दिवस के अवसर पर सन् 2001 में किया गया था।
  3. हार्डवेयर को कम्प्यूटर का शरीर तो साफ्टवोयर को इसकी आत्मा कहा जाता है या हार्डवेयर को कम्प्यूटर का इंजन तो साफ्टवेयर को इसे चलाने वाला इंधन कहते है।
  4. भारत में सबसे पहला कम्प्यूटर भारतीय सांख्यिकीय संस्थान कलकत्ता में सन् 1956 में स्थापित किया गया था जिसका नाम HEC-2M (Hellerith Electronic Computer – 2M) था। इसे इंग्लैण्ड से 10 लाख रूपए में खरीदा गया था।
  5. भारत में सबसे पहला कम्प्यूटर सन् 1967 में Electronic Corporation of India के द्वारा बनाया गया था जिसका नाम Siddharth था।
  6. भारत में कम्प्यूटर का प्रथम प्रयोग 16 अगस्त सन् 1986 को बैंगलोर के डाकघर में किया गया था किन्तु भारत का प्रथम पूर्ण कम्प्यूटरीकृत डाकघर नई दिल्ली है।
  7. भारत का प्रथम कम्प्यूटर साक्षर जिला मलप्पूरम (केरल) है। कम्प्यूटर साक्षर कहने का अर्थ कम्प्यूटर क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता है इसकी जानकारी होना है जिससे हम अपने कार्यो को करने के लिए इसका प्रयोग कर सके।
  8. भारत का प्रथम कम्प्यूटर साक्षर ग्राम मलप्पूरम (केरल) का चमरावत्तम ग्राम है।
  9. भारत का प्रथम पूर्ण कम्प्यूटरीकृत ग्राम थिरूअनन्तपुरम (केरल) का वेलानन्द ग्राम पंचायत है।
  10. विभिन्न श्रोतो से प्राप्त Facts व Figures Data कहलाते है जो प्रोसेसिंग के पश्चात् उपयोगी Information बन जाते है। इस प्रकार Data अव्यवस्थित Facts को कहा जाता है जबकि Information व्यवस्थित Data को कहते है।
  11. Data की प्रोसेसिंग दो प्रकार से होती है—Manual Data Processing (MDP) और Electronic Data Processing (EDP)
  12. GIGO – Garbage In Garbage Out अर्थात् कम्प्यूटर में व्यर्थ का डेटा इनपुट करने पर परिणाम भी व्यर्थ ही प्राप्त होते है।
  13. कम्प्यूटर निर्माण उद्योग में अग्रणी होने के कारण भारत के बैंगलोर शहर को IT City या Silicon Valley of India कहा जाता है। यहा लगभग सभी विश्व स्तरीय IT Companies के कार्यालय स्थित है।
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