कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं: Types of computers in Hindi

Computer kitne Prakar ke Hote Hain in Hindi: कंप्यूटर एक ऐसी डिवाइस है यूजर से input लेकर उसे meaningful information में बदल देता है। यह user द्वारा दिए गए instructions के सेट के अनुसार input को प्रोसेस करता है और desired output देता है। अगर आप कंप्यूटर के प्रकार के बारे में जनना चाहते हैं तो आपको बता दें कि साइज़ और डाटा हैंडलिंग कैपेसिटी के हिसाब से कंप्यूटर को हम दो तरह से classified किया जा सकता है। बहुत से लोग इंटरनेट पर कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं (Types of Computers in HIndi) यह सर्च करते हैं. अगर आप कंप्यूटर के प्रकार के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें.

Types of computers in Hindi

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं- What are the types of computers in Hindi

यहाँ पर हमने नीचे कंप्यूटर विभिन्न प्रकार (types of computer in Hindi) के बारे में बताया है।

size या आकार के हिसाब से कंप्यूटर 5 प्रकार के होते हैं

  1. सुपर कंप्यूटर (Super Computer)
  2. मेनफ़्रेम कंप्यूटर (mainframe computer)
  3. मिनी कंप्यूटर (mini computer)
  4. वर्कस्टेशन (workstation)
  5. पीसी (personal computer)

डेटा हैंडलिंग कैपेबिलिटी के हिसाब से कंप्यूटर 3 प्रकार के होते हैं।  :

  1. एनालॉग कंप्यूटर (analog computer)
  2. डिजिटल कम्प्यूटर (digital computer)
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर (hybrid computer)

size या आकार के हिसाब से कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं

सुपर कंप्यूटर (Super Computer in Hindi)

जब हम स्पीड की बात करते हैं तो कंप्यूटर में सबसे पहला नाम Super Computer का आता है। आपको बता दें कि यह डेटा प्रोसेसिंग की स्पीड के मामले में सबसे बड़े और सबसे तेज कंप्यूटर हैं । सुपर कंप्यूटरों को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि वे बड़ी मात्रा में डेटा को processed कर सकते हैं, जैसे बिलियन instructions या डेटा को केवल एक सेकंड में processed करना। आपको बता दें कि Super Computer में हजारों इंटरकनेक्टेड प्रोसेसर हैं। जिसकी वजह से इसकी प्रोसेसिंग स्पीड काफी ज्यादा होती है। super computer का उपयोग मुख्य रूप से वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग एप्लीकेशन जैसे मौसम पूर्वानुमान, वैज्ञानिक सिमुलेशन और परमाणु ऊर्जा अनुसंधान में किया जाता है। बता दें कि super computer को पहली बार 1976 में रोजर क्रे द्वारा विकसित किया गया था।

Super Computer की विशेषताएं:

  • Super Computer वे कंप्यूटर होते हैं और स्पीड के मामले में सबसे तेज़ होते हैं और बहुत ही महंगे भी होते हैं।
  • यह 1 सेकंड में 10 ट्रिलियन व्यक्तिगत गणनाओं की गणना कर सकता है।
  • इन कंप्यूटर का उपयोग शेयर बाजार या बड़े Organization में ऑनलाइन करेंसी की दुनिया जैसे बिटकॉइन आदि के मैनेजमेंट के लिए किया जाता है।
  • super computer का इस्तेमाल मूल रूप से वैज्ञानिक अनुसंधान क्षेत्रों में सौर मंडल, उपग्रहों आदि की खोज से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के लिए किया जाता है।

मेनफ्रेम कंप्यूटर (mainframe computer in Hindi)

mainframe computer in Hindi

मेनफ्रेम कंप्यूटर (mainframe computer) इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि यह एक ही समय में सैकड़ों या हजारों user का सपोर्ट कर सकते हैं। यह एक साथ कई program का भी सपोर्ट करता है। इसलिए, यह एक साथ विभिन्न process को Execution कर सकते हैं। आपको बता दें कि ये कंप्यूटर मुख्य रूप से बैंकिंग, दूरसंचार क्षेत्रों आदि जैसे बड़े Organization के लिए आदर्श होते हैं। इन कंप्यूटर की खास बात यह होती है कि यह बड़ी मात्रा में डाटा को processed कर सकते हैं।

मेनफ्रेम कंप्यूटर (mainframe computer) की विशेषताएं:

  • यह कंप्यूटर महंगा होता है।
  • इस कंप्यूटर की स्टोरेज कैपेसिटी और परफॉरमेंस काफी अच्छी होती है।
  • यह बड़ी मात्रा में डेटा को processed कर सकता है। इसलिए इस कंप्यूटर का उपयोग बैंकिंग और टेलिकॉम जैसे सेक्टर में किया जाता है।
  • यह computer कई सालों तक अच्छी तरह से काम कर सकता है और इसकी लाइफ भी काफी ज्यादा होती है।

मिनीकंप्यूटर (Mini computer in Hindi)

मिनीकंप्यूटर (Mini computer) एक आकार कंप्यूटर जो मल्टीप्रोसेसिंग को सपोर्ट करता है। आपको बता दें कि इस कंप्यूटर में दो या दो से अधिक प्रोसेसर लगे होते हैं। यह कंप्यूटर एक बार में 4 से लेकर 200 यूजर्स को सपोर्ट करता है। मिनी कंप्यूटर का उपयोग institutions या departments जैसे विभिन्न कार्यों जैसे बिलिंग, अकाउंटिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट आदि के लिए किया जाता है। बता दें कि यह सिस्टम मेनफ्रेम कंप्यूटर (mainframe computer) से छोटा होता है लेकिन माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में बड़ा होता है।

मिनीकंप्यूटर (Mini computer) की विशेषताएं:

मिनीकंप्यूटर वजन में काफी हल्का होता है।

इसकी कम वजन की वजह से इसे एक स्थान से दूसरे स्थान ले जा सकते हैं।

यह कंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर की तुलना में कम खर्चीला होता है।

इसकी स्पीड काफी ज्यादा होती है।

वर्कस्टेशन (workstation)

workstation

वर्कस्टेशन तकनीकी या वैज्ञानिक एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें एक हाई स्पीड माइक्रोप्रोसेसर होता है, साथ ही इसमें हाई कैपिसिटी रैम और हाई स्पीड ग्राफिक एडेप्टर होता है। आपको बता दें कि वर्कस्टेशन (workstation) एक सिंगल यूजर कंप्यूटर है। यह किसी भी विशिष्ट कार्य को बहुत ही एक्यूरेसी के साथ करता है।

वर्कस्टेशन (workstation) की विशेषताएं:

  • यह कंप्यूटर महंगा होता है।
  • इसे मुख्य रूप से जटिल कार्य उद्देश्यों के लिए बनाए गए हैं।
  • इसका CPU, RAM, Graphics और Storage एक पर्सनल कंप्यूटर की तुलना में काफी अच्छी होती है।
  • इस कंप्यूटर का उपयोग एनीमेशन, डेटा एनालिसिस , CD, ऑडियो और वीडियो निर्माण और एडिटिंग के लिए किया जाता है।

पीसी (Personal computer)

Personal computer

पीसी (Personal computer) को माइक्रो कंप्यूटर भी कहा जाता है। आपको बता दें कि यह हमारे रोज के कामों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कंप्यूटर है जिसे व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाया गया है। आपको बता दें कि एक PC में एक सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), memory और input device होती है। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल हमारे घरों में विभिन्न कामों के लिए इस्तेमाल होता है जैसे असाइनमेंट तैयार करना, फिल्म देखन, ऑफिसर के काम करना आदि। laptop और computer पीसी (Personal computer) के ही उदाहरण है।

पीसी (Personal computer) की विशेषताएं

  • यह आकार में छोटा होता है।
  • इसकी कीमत काफी कम होती है।
  • इसमें सीमित सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा सकते हैं।
  • इस मुख्य रूप से हमारे रोज के काम करने के लिए बनाया गया है।
  • इसको उपयोग करना काफी आसान होता है।

डेटा हैंडलिंग कैपेबिलिटी के हिसाब से कंप्यूटर प्रकार

एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer in Hindi)

इस कंप्यूटर को मुख्य रूप से Analog डाटा को processed करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। जो डाटा निरंतर बदलता रहता है जिसमें निरंतर डेटा जो लगातार बदलता रहता है और जिसमें discrete value नहीं हो सकते, एनालॉग डेटा कहलाते हैं। इसलिए इस प्रकार के डाटा के लिए एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) का इस्तेमाल किया जाता है। इस कंप्यूटर को उस जगह इस्तेमाल किया जाता है जहाँ पर हमें exact values की जरूरत नहीं बल्कि  approximate values जैसे  गति, तापमान, दबाव की आवश्यकता होगी है।

डिजिटल कंप्यूटर: (digital computer)

इस तरह के कंप्यूटर को तेजी से कैलकुलेशन करने और लॉजिकल ऑपरेशन को करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह raw डेटा को input के रूप में लेता है और output प्रदान करता है। यह सिस्टम केवल 0 और 1 की बाइनरी लैंग्वेज को समझता है। इसलिए इस कंप्यूटर में डेटा को 0 और 1 बदलता है फिर उसे प्रोसेस्ड करता है। हमारे द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले सभी आधुनिक कंप्यूटर, जैसे लैपटॉप, स्मार्टफोन सहित डेस्कटॉप, डिजिटल कंप्यूटर डिजिटल कंप्यूटर के ही उदाहरण है।

 हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid computer)

हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid computer) एक ऐसा सिस्टम होता है जिसे दो तरह के कंप्यूटर को मिला कर बनाया गया है। बता दें कि यह एनालॉग और डिजिटल दोनों कंप्यूटरों को मिलकर बनाया गया एक कंप्यूटर है। आपको बता दें कि हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid computer) एनालॉग कंप्यूटर की तरह तेज़ काफी तेज होते हैं और इनकी memory भी काफी अच्छी होती है। इनकी एक्यूरेसी डिजिटल कंप्यूटर की तरह होती है।

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