हार्ड डिस्क ड्राइव क्या है- Hard disk Drive & Its Types in Hindi

कंप्यूटर हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) एक नॉन-वोलेटाइल डेटा स्टोरेज डिवाइस है। यह कंप्यूटर की एक ऐसी डिवाइस हैं जो सिस्टम के बंद होने पर भी डाटा को स्टोर करके रखती है। दुनिया के सभी कंप्यूटर में डाटा और सॉफ्टवेयर को स्टोर करने के लिए एक स्टोरेज डिवाइस की जरूरत होती है और हार्ड डिस्क एक ऐसी ही स्टोरेज डिवाइस है जिसमे कंप्यूटर का पूरा डेटा और सॉफ्टवेयर स्टोर रहते हैं। एचडीडी कंप्यूटर के अलावा मोबाइल डिवाइस, consumer इलेक्ट्रॉनिक्स और data center में भी लगी होती है। हार्ड डिस्क में डाटा स्टोर करने के लिए मेग्नेटिक डिस्क का उपयोग किया जाता है। जिसमे आप ऑपरेटिंग सिस्टम, कंप्यूटर के सभी सॉफ्टवेयर आदि स्टोर कर सकते हैं।

हार्ड डिस्क को कंप्यूटर में secondary या primary memory के रूप में उपयोग किया जाता है। हार्ड डिस्क कंप्यूटर के motherboard में Serial ATA, Prallal ATA या sata cable के साथ कनेक्ट होती है। हार्ड डिस्क power supply से भी जुड़ी होती है और यह RAM के विपरीत कंप्यूटर के बंद होने पर भी data को store रख सकती है।

harddisk एक ऐसी Storage devices है जिसमें कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रोग्राम और अन्य डाटा जैसे photo, documents आदि स्टोर होते हैं। बिना हार्ड डिस्क के आप कंप्यूटर में पॉवर ऑफ़ हो जाने के बाद डाटा को स्टोर नहीं रख सकते हैं। इसलिए कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर, डेटा और अन्य डाक्यूमेंट्स को परमानेंट स्टोर रखने के लिए हार्डडिस्क की आवश्कता होती है।

hard disk

हार्डडिस्क कैसे काम करती है

ज्यादातर बेसिक हार्ड डिस्क में कई disk platters लगे होते हैं जो कि एक गोलाकार डिस्क होती है जो कि एल्यूमीनियम, कांच या सिरेमिक की बनी होती है। हार्ड डिस्क में disk platters एक box के अंदर सील पैक होते हैं। box के अंदर spindle लगा होता है जो कि disk को होल्ड करने का काम करता है। डिस्क को घुमाने के लिए अंदर एक मोटर भी लगी होती है। box के अंदर read/write head भी लगे होते हैं जो कि डिस्क पर इनफार्मेशन को magnetically रिकॉर्ड करते हैं। आपको बता दें कि डिस्क के ऊपर एक पतली magnetic coating भी होती है।

मोटर platters को एक मिनट में लगभग 15000 रोटेशन घुमाती है। जब platters घूमते हैं तो एक दूसरी मोटर read/write head की पोजीशन को कंट्रोल करती है। read/write head हर प्लेटर पर इनफार्मेशन को लिखते और पढ़ते हैं।

read/write head का काम platter पर डाटा Read करना और write करना होता है। इसमें spindle जितनी तेजी से प्लेटर को rotate करेगा, hard disk में data उतनी ही स्पीड से access होगा। hard disk में लगी disk की स्पीड को RPM यानी Revolution Per Minute में मापा जाता है। इसका मतलब यह होता है कि platters एक मिनट में कितने चक्कर लगता था। वर्तमान में जो हार्डडिस्क इस्तेमाल की जाती हैं उनकी स्पीड 5400 RPM से 7200 RPM की होती है

हार्ड डिस्क की स्टोरेज कैपेसिटी कितनी होती है

वर्तमान में जो हार्डडिस्क मार्केट में उपलब्ध है उनकी storage capacity 16 GB से लेकर 2 TB तक होती है। आपको बता दें कि 16 GB से लेकर 64 GB हार्ड डिस्क पुराने सिस्टम में इस्तेमाल होती थी। अभी जो पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप आ रहे हैं उनमे 512 GB से लेकर 2 TB (1 TB=1024) तक की हार्डडिस्क लगी होती है। आजकल मार्केट में 20 TB तक की हार्डडिस्क उपलब्ध है।

Hard drive components and form factors

हार्ड डिस्क ड्राइव में कई सारे कंपोनेंट्स लगे होते हैं जिनमे disk platter, spindle, ,actuator, actuator arm और read/write head के नाम शामिल हैं। आपको बता दें कि एक हार्ड डिस्क कई स्टैक्ड डिस्क का set होती है जो electromagnetically charged surface पर डाटा को store और acess करती है।

Hard Disk के लांच होने से पहले कंप्यूटर में डेटा या जानकारी कोई store करने के लिए floppy disk का उपयोग किया जाता है। लेकिन इसकी एक सबसे बड़ी कमी यह थी कि इसमें  3.14MB ही डेटा स्टोर किया जा सकता था। लेकिन hard disk अपने अंदर लाखों MB का डाटा भी स्टोर कर सकती है।

हार्ड डिस्क कितने प्रकार की होती हैं- Types of Hard Drives in Hindi

वर्तमान में hard drives को 4 भागों में विभाजित किया जाता है।

  • Parallel Advanced Technology Attachment (PATA)
  • Serial Advanced Technology Attachment (SATA)
  • Small Computer System Interface (SCSI)
  • Solid State Drive (SSD)

Parallel Advanced Technology Attachment (PATA)

यह सबसे पुरानी hard disk है जिसका पहली बार उपयोग साल में किया गया था। इस हार्ड डिस्क को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए ATA interface standard का उपयोग किया जाता है। इस हार्ड डिस्क को IDE हार्ड डिस्क भी कहा जाता था। इस हार्ड डिस्क के डाटा transfer rate 133MB/s है।

SATA (Serial Advanced Technology Attachment)

वर्तमान में जो कंप्यूटर और लैपटॉप मार्केट में उपलब्ध है उनमे अधिकतर SATA hard disk लगाईं जाती है। SATA Hard Disk की data transfer rate पुरानी टेक्नोलॉजी PATA से काफी अच्छी होती है। SATA hard disk की डाटा transfer की अधिकतम स्पीड 600MB/s तक हो सकती है। SATA cables की कनेक्टिविटी PATA cables के मुकाबले बहुत अच्छी होती है। SATA cable काफी पतली होती है।

small computer systems interface (SCSI)

SCSI एक स्टैण्डर्ड है जो कि peripheral devices को कंप्यूटर में जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि कनेक्टिविटी से  single bus का इस्तेमाल करके 16 peripheral devices को कनेक्ट किया जा सकता है। SCSI hard drives कनेक्टिविटी के लिए small computer systems interface का इस्तेमाल करती है। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से कंप्यूटर के अन्य डिवाइस जैसे printers, scanners और camera को भी कनेक्ट किया जाता है। इसमें डाटा transfer की स्पीड 320MB/s होती है। पर्सनल कंप्यूटर पर SCSI के माध्यम से कनेक्शन को अब यूनिवर्सल सीरियल बस (USB) द्वारा बदल दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब SCSI को consumer hardware के रूप में उपयोग नहीं किया जाता।

SSD (Solid State Drives)

इस जानकारी को बताते समय SSD (Solid State Drives) सबसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी में से एक है। आपको बता दें कि पुरानी हार्ड डिस्क की तरह में इसमें कोई मूविंग डिस्क या पार्ट नहीं होता। और न ही इसमें data को स्टोर करने के लिए चुंबकत्व (magnetism)का उपयोग नहीं किया जाता। इस drive में डाटा को स्टोर करने के लिए IC का उपयोग किया जाता है। जिसकी वजह से यह ज्यादा फ़ास्ट और टिकाऊ होती है। इसके साथ ही इसके डैमेज होने की सम्भावना भी कम होती है। SSD हार्ड ड्राइव में 550 MB/ s की स्पीड से डाटा ट्रान्सफर होता है। इसका सबसे बड़ा फायदा है कि hard disk के मुकाबले इसमें कंप्यूटर की बूटिंग स्पीड भी अच्छी मिलती है। SSD में डाटा स्टोर करने के लिए flash memory technology का उपयोग किया जाता है। इसकी कीमत HDD drive के मुकाबले काफी ज्यादा होती है।

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